कोटा में 100 बच्चों की मौत पर मायावती और सीएम योगी ने प्रियंका गांधी को घेरा
मायावती ने कहा कि राजनीतिक स्वार्थ में कुछ दलों में बैठे जिम्मेवार लोगों को यह कतई नहीं भूलना चाहिए कि भारत धर्मनिरपेक्ष देश है। यहां विभिन्न धर्मों को मानने वाले लोग रहते हैं। उनकी अपनी जीवन शैली, संस्कृति व तौर-तरीके हैं। हमें उनके किसी भी मामले में दखल नहीं देना चाहिए।
सभी धर्मों की संस्कृति व सभ्यता का पूरा सम्मान करना चाहिए तो यह ज्यादा बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में विरोध करने का तरीका भी ऐसा होना चाहिए जिससे किसी भी धर्म को मानने वाले लोगाें की धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचे। देश में अमन-चैन व सौहार्द का वातावरण बना रहे।
वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि- श्रीमती वाड्रा अगर उत्तर प्रदेश में राजनीतिक नौटंकी करने की बजाय उन गरीब पीड़ित माताओं से जाकर मिलतीं, जिनकी गोद केवल उनकी पार्टी की सरकार की लापरवाही की वजह से सूनी हो गई है, तो उन परिवारों को कुछ सांत्वना मिलती।
उन्होंने कहा कि इनको किसी की न चिंता है, न कोई संवेदना, जनसेवा नहीं सिर्फ राजनीति करनी है।
श्रीमती वाड्रा अगर यू.पी. में राजनीतिक नौटंकी करने की बजाय उन गरीब पीड़ित माताओं से जाकर मिलतीं,जिनकी गोद केवल उनकी पार्टी की सरकार की लापरवाही की वजह से सूनी हो गई है तो उन परिवारों को कुछ सांत्वना मिलती।
— Yogi Adityanath Office (@myogioffice) January 2, 2020
इनको किसी की न चिंता है,न कोई संवेदना, जनसेवा नहीं सिर्फ राजनीति करनी है।