बसपा का बेस वोट अगर मिल जाता तो अमेठी में न हारते राहुल गांधी, सोनिया की लीड भी होती बड़ी

ishwar  ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 26 May 2019 06:36 PM IST
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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी व मायावती।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी व मायावती। - फोटो : amar ujala

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लोकसभा चुनाव के नतीजों ने बसपा प्रमुख मायावती के उन दावों की भी हवा निकाल दी जिनमें वह कहा करती थीं कि दलित समाज उनके साथ चट्टान की तरह एकजुट है और उनके इशारे पर वह वोट देता है। अमेठी व रायबरेली में कांग्रेस के पक्ष में माया की अपील पूरी तरह बेअसर रही।
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अमेठी और रायबरेली में 6 मई को चुनाव था।

रिपोर्ट आ रही थी कि वहां गठबंधन से प्रत्याशी न उतारे जाने के बावजूद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी कड़ी लड़ाई में फंस गए हैं। पूरे चुनाव के दौरान कांग्रेस को जमकर कोसने वाली मायावती ने अमेठी व रायबरेली में मतदान से एक दिन पहले 5 मई को एक अपील जारी की।


उन्होंने दावा किया कि बसपा समर्थक उनका इशारा समझकर वोट करते हैं। इन दोनों सीटों पर पार्टी का बेस वोट 22-23 प्रतिशत है। बसपा का एक-एक वोट इन सीटों पर कांग्रेस के दोनों नेताओं को मिलने वाला है, इसमें किसी को भी कोई संदेह नहीं होना चाहिए। अन्य समाज के जो लोग बसपा से जुड़े हैं, वे भी इन दोनों सीटों पर इसी तरह वोट करेंगे, लेकिन इस अपील का कोई असर नहीं दिखा।
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इस तरह साबित हो गई ये बात

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