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आंबेडकर आज होते तो भाजपा के साथ खड़े होते: लालजी निर्मल

Fri, 14 Dec 2018 08:54 PM IST
MANISH sachan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: MANISH sachan Updated Fri, 14 Dec 2018 08:54 PM IST
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mayawati earn money on behalf of dalit politics said lalki nirmal
डॉ लालजी निर्मल

बाबा साहब डॉ. आंबेडकर का नाम लेकर मायावती ने दौलत का पहाड़ खड़ा किया है। वह परिवारवाद और पैसे की राजनीति करती हैं। जबकि बाबा साहब इसके बिलकुल खिलाफ थे। डॉ. आंबेडकर आज की तिथि में होते तो दलितों के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी के साथ खड़े होते। अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के अध्यक्ष डॉ.लाल जी निर्मल ने शुक्रवार को वीवीआईपी गेस्ट हाउस में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में ये बात कही।

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अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम की प्रगति रिपोर्ट की जानकारी देने के लिए बुलाई गई प्रेस कांफ्रेंस में डॉ.लाल जी निर्मल ने कहा कि मायावती दलितों की राजनीति करती हैं, लेकिन उन्होंने ही उनका सबसे ज्यादा नुकसान किया। मायावती ने संविधान को तोड़ने का कार्य किया। अनुसूचित जाति एक्ट को कमजोर किया।
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अनुसूचित जाति जनजाति आयोग के अध्यक्ष के पद को गैरदलित को देने की व्यवस्था का विधेयक वही लाई थीं। अखिलेश यादव ने इसका फायदा उठाते हुए गैरदलित को इसका अध्यक्ष बनाया। तीन राज्यों के चुनाव में भाजपा के हारने पर कहा कि भाजपा सरकार ने दलितों के हित में सबसे अधिक कार्य किया है।
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भाजपा ने दलित को राष्ट्रपति बनाया है। कई राज्यपाल बनाए। भाजपा के खिलाफ नकारात्मक प्रचार किया जा रहा है। एक मात्र दलित राष्ट्रपति केआर नारायणन यूनाइटेड फ्रंट की सरकार के राष्ट्रपति थे कांग्रेस के नहीं। लालजी निर्मल ने कहा कि 15वीं सदी से हाथ से मैला उठाने का कार्य दलितों का एक समूह करता था।

ये प्रथा घर-घर शौचालय योजन से पूरी तरह खत्म हो गई है। आजादी के बाद पहली बार केंद्र सरकार के दिमाग में ये बात आई कि स्वच्छ भारत अभियान से दलितों को हाथ से मैला उठाने से मुक्ति मिलेगी। सोमवार को बुंदेलखंड के उरई में सिर पर मैला ढोने की प्रथा को छोड़ने वाली दलित महिलाओं का सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है।

डॉ. लालजी निर्मल ने कहा कि दलितों के डीएनए में रोजगार नहीं रहा है। लेकिन अब प्रयास किया किया जा रहा है कि वह रोजगार मांगे नहीं, बांटें। इसीलिए स्वच्छकारों केलिए दो लाख रुपये की वित्तीय सहायता की योजना चलाई गई है। इसमें एक लाख रुपये अनुदान है। इस योजना का लाभ देने के लिए प्रशिक्षण शिविर लगाकर युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। पं. दीनदयाल उपाध्याय स्वरोजगार योजना के तहत ये सुविधा दी गई है।

पूरे प्रदेश में अधिकारियों को सख्त निर्देश हैं कि स्वरोजगार के सभी प्रार्थना पत्र पूरा ध्यान दें। बैंकर्स इस योजना पर पूरा ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसलिए शनिवार को मुख्य सचिव के साथ बैंकर्स की बैठक हो रही है। प्रत्येक जनपद से कम से कम 10 युवाओं को आत्म निर्भर बनाने का प्रयास है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने 138 करोड़ रुपये की धनराशि अनुसूचित जाति केउत्थान के लिए उपलब्ध कराई है।

निगम ने करोड़ों रुपए की आर्थिक सहायता दी

हाथ से मैला उठाने वाले 11230 स्वच्छकारों में से 10847 को 40 हजार रुपये प्रति स्वच्छकार की दर से 43.39 करोड़ रुपए दिए गए हैं। 60922 लाभार्थियों का चयन करके 12280 परिवारों को 14.47 करोड़ रुपए रुपए की वित्तीय सहायता दी गई है। सीवर सैप्टिक टैंकों में वर्ष 1993 के बाद हुई मौतों के71 मामलों में से 49 कर्मियों के आश्रितों को 3.73 करोड़ रुपए आर्थिक सहायता के रूप में दिए गए हैं। निगम लांड्री और दुकान निर्माण योजना के तहत ऋण पर ब्याज नहीं लेता है। लांड्री के लिए 2.16 लाख और दुकान निर्माण के लिए 78 हजार रुपए दिया जा रह है। उन्होंने बताया कि हाल में पेट्रोल पंप के आवंटन के विज्ञापन में अनुसूचित जाति के लिए में कोई फीस नहीं। जबकि सामान्य वर्ग से 30 हजार रुपए लिया जा रहा है। जिन लोगों के पास जमीन नहीं है। सरकार एक करोड़ रुपये जमीन के लिए उपलब्ध करा रही है।

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