'किसानों की आत्महत्या को 'फैशन' बताना बीमार सोच'
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महाराष्ट्र के भाजपा सांसद द्वारा किसानों की आत्महत्या को 'फैशन' बताना बीमार मानसिकता को दिखाने वाला है। भाजपा के लोग सत्ता में आने के बाद इतना उग्र और असंवेदनशील हो गए हैं कि उन्हें अपनी मर्यादा की बिल्कुल भी चिंता नहीं है।
यह कहना है बसपा सुप्रीमो मायावती का। बसपा कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने कहा भाजपा की कठोर शब्दों में निंदा करते हुए केंद्र सरकार व भाजपा सांसदों को संवेदनहीन करार दिया।
वहीं, उन्होंने राजस्थान में महिला उम्मीदवारों की वन विभाग में वनपाल पद के लिए भर्ती हेतु शारीरिक पैमाइश पुरूषों द्वारा किए जाने को शर्मनाक करार दिया।
मायावती ने तंज कसते हुए कहा कि क्या यही भाजपा की वह हिंदू संस्कृति है जिसे वह आगे बढ़ाना चाहती है। उन्होंने इसे शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न करार दिया।
दलित विरोधी काम करने कर आंखों में धूल झोंक रही है कांग्रेस
वहीं, बसपा सुप्रीमो ने लखनऊ के कांग्रेस कार्यालय में दलित कान्क्लेव पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सारे दलित विरोधी काम करने के बाद कांग्रेस का 'दलित कान्क्लेव' जनता की आंखों में धूल झोंकने वाला है।
मायावती ने कांग्रेस व भाजपा की एक साथ निंदा करते हुए कहा कि दलित कान्क्लेव वैसा ही है जैसा कि किसान विरोधी काम करने के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसान सम्मेलन कर रहे हैं।
मायावती के अनुसार, दलितों, गरीबों, मुसलमानों व अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के मामले में भाजपा व कांग्रेस का रवैया लगभग एक जैसा ही है।