लखनऊ: शब-ए-बरात पर न जाएं कब्रिस्तान, उलमा ने जारी की एडवाइजरी
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लॉकडाउन के चलते लखनऊ में सुन्नी व शिया उलमा ने एडवाइजरी जारी कर शब-ए-बरात की रात में कब्रिस्तान जाने को मना कर दिया है। उलमा ने इस रात में इबादत भी अपने घरों में ही करने को कहा है।
शब-ए-बरात यानी गुनाहों से निजात की रात नौ अप्रैल को है। ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने एडवाइजरी जारी कर सभी मुसलमानों से कहा कि कब्रिस्तान में अपने पुरखों व परिवारजनों की कब्रों पर न जाएं।
इसके अलावा शब-ए-बरात पर किसी प्रकार के जलसों का आयोजन न करें। मौलाना ने इस्लामिक सेंटर का होने वाला जलसा भी स्थगित कर दिया। मौलाना ने अपने घरों में ही इबादत करने की अपील की।
इदारा ए शरिया फिरंगी महल के अध्यक्ष मुफ्ती अबुल इरफान मियां फिरंगी महली ने कहा कि पुरखों व परिवारजनों का फातेहा घर पर ही पढे़ं। जहां तक गरीबों के भोजन कराने की बात है तो इससे अच्छा और क्या मौका होगा।
लोगों से घरों में रहने की अपील की
शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद ने भी कहा कि कोई भी कब्रिस्तान न जाए। आतिशबाजी कर जश्न मनाने को भी मना किया। ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना यासूब अब्बास ने भीड़ इकट्ठा कर किसी भी आयोजन करने से मना किया। शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास नकवी ने लोगों से घरों में रहने की अपील की।
ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने इंदौर, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर सहित तमाम जगहों पर डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मचारियों व पुलिस से बदसुलूकी की घटनाओं की निंदा की।
मौलाना ने कहा कि ये लोग हमें कोरोना जैसे गंभीर बीमारी से बचाने के लिए अपनी जान की परवाह नहीं कर रहे है। इनके साथ बदसुलूकी इंसानियत के खिलाफ है। मौलाना ने ऐसे लोगों पर कानूनी कार्रवाई करने के साथ ही सभी देश व प्रदेश वासियों से सहयोग करने की अपील की।