यूपी की जेलों में अब तक ढाई लाख से अधिक मास्क तैयार, 70 हजार की हो चुकी है सप्लाई
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प्रदेश की जेलों में बन रहे मास्क की सप्लाई अब प्रदेश सरकार के दूसरे विभागों में शुरू हो गई है। अब तक 70 हजार से अधिक मास्क दूसरे विभागों को सप्लाई किए जा चुके हैं और प्रतिदिन बड़ी संख्या में मास्क तैयार किए जा रहे हैं। डीजी जेल आनंद कुमार ने बताया कि सबसे अधिक लखनऊ और गाजियाबाद की जेलों में मास्क तैयार किए जा रहे हैं। वहां से सरकारी विभागों में भी मांग के अनुसार आपूर्ति की जा रही है।
अब तक जीआरपी, परिवहन, पुलिस, पीएसी, आरटीसी, एटीसी, टोरेंट पावर और चिकित्सा विभाग में इसकी सप्लाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि जेलों में जो मास्क तैयार किए जा रहे हैं, डाक्टरों की सलाह के बाद मानक के अनुसार उन्हीं कपड़ों का प्रयोग किया जा रहा है।
चार रुपये कीमत, पांच रुपये में सप्लाई एक कैदी एक दिन में 12 से 15 मास्क तैयार कर रहा है। एक कैदी को अधिकतम 10 से 12 घंटे काम करने दिया जाता है। उन्होंने बताया कि कुछ कैदियों की स्पीड बहुत अच्छी है। वह 40 मिनट में डबल लेयर का मास्क तैयार कर ले रहे हैं।
प्रदेश की 67 जेलों में हो रहा है मास्क बनाने का काम
आनंद कुमार ने बताया कि प्रदेश की 71 में से 67 जेलों में मास्क बनाने का काम किया जा रहा है। औसतन 25 हजार मास्क हर दिन तैयार किए जा रहे हैं। अब तक प्रदेश की जेलों में ढाई लाख से अधिक मास्क तैयार किए जा चुके हैं। इसमें से 70 हजार मास्क की सप्लाई की जा चुकी है।
डीजी जेल ने बताया कि जेलों में बंदियों द्वारा मास्क के अलावा सैनिटाइजर बनाने का भी काम किया जा रहा है। फिलहाल जेलों में सेनिटाइजेशन के लिए इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। जेलों की जरूरतों को पूरा करने के बाद अन्य विभागों को मांग के अनुसार सप्लाई किया जाएगा।