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Lucknow News: कई स्वतंत्रता सेनानियों को नहीं मिला इतिहास में पर्याप्त स्थान
Thu, 12 Dec 2024 07:13 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Thu, 12 Dec 2024 07:13 PM IST
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पंजाबी अकादमी की ओर से हुई संगोष्ठी में मौजूद वक्ता।
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश पंजाबी अकादमी की ओर से ‘पंजाब के स्वतंत्रता सेनानी’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन बुधवार को इंदिरा भवन में किया गया। संगोष्ठी में विद्वान नरेंद्र सिंह मोंगा ने कहा कि संभवतः राजनीतिक दुराग्रह के कारण भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में भगत सिंह, लाला लाजपत राय और ऊधम सिंह के अलावा कई पंजाबी स्वतंत्रता सेनानियों को पर्याप्त स्थान नहीं मिल सका।
उन्होंने कहा कि गदर पार्टी और कूका आंदोलन के क्रांतिकारियों व महाराजा रणजीत सिंह की सेना में रहे शहीद बाबा महाराज सिंह के नाम योगदान उल्लेखनीय हैं। 19 साल की उम्र में फांसी चढ़ने वाले करतार सिंह सराभा और उनके छह साथी, बाबा सोहन सिंह भकना और उनकी गदर पार्टी के तमाम सेनानी देश के लिए फांसी पर चढ़ गए। शहीद मदन लाल ढींगरा, शहीद सोहनलाल पाठक, भाई बाल मुकुंद, सोहन सिंह जोश जैसे वीर स्वतंत्रता सेनानियों का इतिहास भी सामने लाया जाए।
दविंदर पाल सिंह ‘बग्गा’ ने कहा कि बीसवीं शताब्दी के प्रारंभिक वर्षों में अमेरिका, कनाडा, फिलिपींस, सिंगापुर और हांगकांग जैसे देशों में रह रहे पंजाबियों के मन में राष्ट्रप्रेम की ज्वाला भड़की और वे भारत वापस आकर देश को आजाद कराने में जुट गए। 25 वर्षीय युवती गुलाब कौर ने भूमिगत रहते हुए स्वतंत्रता संग्राम में क्रांतिकारी संगठनों में अहम भूमिका निभाई, पर उनका नाम इतिहास के पन्नों में बहुत कम आया। इस मौके पर अंजू सिंह, महेंद्र प्रताप वर्मा, रवि यादव, मीनू पाठक और प्रियंका त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि गदर पार्टी और कूका आंदोलन के क्रांतिकारियों व महाराजा रणजीत सिंह की सेना में रहे शहीद बाबा महाराज सिंह के नाम योगदान उल्लेखनीय हैं। 19 साल की उम्र में फांसी चढ़ने वाले करतार सिंह सराभा और उनके छह साथी, बाबा सोहन सिंह भकना और उनकी गदर पार्टी के तमाम सेनानी देश के लिए फांसी पर चढ़ गए। शहीद मदन लाल ढींगरा, शहीद सोहनलाल पाठक, भाई बाल मुकुंद, सोहन सिंह जोश जैसे वीर स्वतंत्रता सेनानियों का इतिहास भी सामने लाया जाए।
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दविंदर पाल सिंह ‘बग्गा’ ने कहा कि बीसवीं शताब्दी के प्रारंभिक वर्षों में अमेरिका, कनाडा, फिलिपींस, सिंगापुर और हांगकांग जैसे देशों में रह रहे पंजाबियों के मन में राष्ट्रप्रेम की ज्वाला भड़की और वे भारत वापस आकर देश को आजाद कराने में जुट गए। 25 वर्षीय युवती गुलाब कौर ने भूमिगत रहते हुए स्वतंत्रता संग्राम में क्रांतिकारी संगठनों में अहम भूमिका निभाई, पर उनका नाम इतिहास के पन्नों में बहुत कम आया। इस मौके पर अंजू सिंह, महेंद्र प्रताप वर्मा, रवि यादव, मीनू पाठक और प्रियंका त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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