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महिला संरक्षण और बाल सुधार गृहों में करें कोरोना संक्रमण से बचाव के पुख्ता इंतजाम, निर्देश जारी
Tue, 23 Jun 2020 11:29 AM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 23 Jun 2020 11:29 AM IST
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कानपुर में गृह राजकीय बालगृह (बालिका) में कुछ गर्भवती संवासिनियों के कोरोना संक्रमित पाए जाने पर प्रदेश सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने अपर मुख्य सचिव समाज कल्याण मनोज सिंह तथा प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास एस राधा चौहान को महिला संरक्षण गृह, नारी निकेतन, अनाथालय और बाल सुधार गृह जैसे सामाजिक संस्थाओं में कोरोना की रोकथाम व नियंत्रण के लिए विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।
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मुख्य सचिव ने कहा कि ऐसे संस्थानों में प्रवेश से पहले प्रत्येक स्टाफ व व्यक्ति की प्रवेश द्वार पर थर्मल स्कैनिंग कराई जाए। इसके लिए प्रत्येक संस्था को इंफ्रारेड थर्मामीटर दिए जाएं। संस्थान के प्रवेश द्वार पर ही सैनिटाइजर की व्यवस्था की जाए और सर्दी, जुकाम, बुखार से पीड़ित किसी भी व्यक्ति को प्रवेश न दिया जाए।
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संस्था के किसी अंत:वासी में कोरोना के सामान्य लक्षण नजर आएं तो तत्काल उसे अलग कर इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग के टोल फ्री नंबर-18001805145 पर दी जाए। उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं के केयर टेकर को संस्था में ही निवास करना होगा।
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मुख्य सचिव ने अंत:वासियों को उनके कपड़ों को नियमित रूप से धोने के लिए डिटरजेंट पाउडर व साबुन उपलब्ध कराने तथा संस्था के प्रत्येक शौचालय की दिन में कम से कम दो बार सफाई कराने तथा साबुन व लिक्विड हैंडवाश की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया है। तिवारी ने कहा कि संस्थाओं में अंत:वासियों को मास्क, दुपट्टा, गमछा अथवा रुमाल आदि का प्रयोग अनिवार्य रूप से करना होगा और मुलाकातियों की संख्या सीमित की जाए।