मदरसों के लाखों स्टूडेंट्स नहीं ले पाएंगे कॉलेज में एडमिशन
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सूबे में मदरसा बोर्ड के करीब डेढ़ लाख स्टूडेंट्स आगे की पढ़ाई नहीं कर पाएंगे। दरअसल, मार्क्सशीट में नाम और जन्मतिथि की गड़बड़ी के कारण ये स्टूडेंट्स कॉलेज और विश्वविद्यालयों में प्रवेश नहीं ले पाए।
अब स्टूडेंट्स इसे सही कराने के लिए मदरसा बोर्ड के चक्कर लगा रहे हैं। उधर, बोर्ड ने महज 40 हजार मार्कशीट में खामियां स्वीकार की है। मदरसा बोर्ड के चेयरमैन प्रो. जैनुस्साजिदीन ने बताया कि रजिस्ट्रार मोहम्मद तारिक को गड़बड़ी की जांच सौंपी गई है।
रिपोर्ट में निजी एजेंसी को दोषी पाए जाने पर उसे ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। अगर मदरसे दोषी पाए गए तो बोर्ड की बैठक में आगे की कार्रवाई पर फैसला होगा।
मदरसा बोर्ड की परीक्षाओं में हुई बड़ी गड़बड़ियां
बता दें, मदरसा शिक्षा परिषद की मुंशी-मौलवी, आलिम, कामिल और फाजिल की परीक्षाओं में पिछले वर्ष करीब चार लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स ने आवेदन किया था।
बोर्ड ने इन छात्रों के परीक्षा फॉर्म अपलोड करने, प्रवेश पत्र मुहैया करवाने से लेकर मार्कशीट वितरण तक की जिम्मेदारी एक निजी एजेंसी को दी थी। परीक्षा में लगभग 3.75 लाख स्टूडेंट्स बैठे, लेकिन परीक्षा में पहले दिन से खामियां दिखनी शुरू हो गई थी। एजेंसी करीब 50 हजार स्टूडेंट्स को प्रवेश पत्र मुहैया नहीं करवा पाई। तो किस मदरसे के छात्रों का सेंटर कहां है, इसकी जानकारी भी वेबसाइट पर नहीं थी।
किसी तरह 15 से 30 अप्रैल के बीच परीक्षा कराई गई और जुलाई में रिजल्ट घोषित किया गया। पर, छात्रों की मुश्किलें यहां खत्म नहीं हुई। करीब 50 फीसदी मार्कशीट में परीक्षार्थियों के नाम और जन्मतिथि में गड़बड़ी सामने आई।