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Lucknow News: राज्य निर्माण प्रक्रिया से जुड़ेंगे लविवि के शोधार्थी, शिक्षक
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लखनऊ। यूपी को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य है। इस दिशा में राज्य रूपांतरण आयोग (एसटीसी) और लखनऊ विश्वविद्यालय ने बुधवार को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत लविवि परिसर में विकास एवं नीति अनुसंधान केंद्र (सीडीपीआर) बनाया जाएगा। यह केंद्र छह वर्षों (2026-2032) तक राज्य सरकार के प्रमुख नीतिगत अनुसंधान केंद्र के रूप में काम करेगा। इसका सबसे बड़ा फायदा विवि के शोधार्थियों और शिक्षकों मिलेगा।
राज्य रूपांतरण आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज सिंह, लविवि के कुलपति जेपी सैनी, कला संकाय के अध्यक्ष व सीडीपीआर के निदेशक अरविंद मोहन की मौजूदगी में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए। कुलपति प्रो. सैनी ने कहा कि यह साझेदारी विश्वविद्यालय के शोधार्थियों और शिक्षकों को राज्य निर्माण प्रक्रिया से जोड़ेगी। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल व बुंदेलखंड के 25 पिछड़े जिलों पर विशेष जमीनी अध्ययन किया जाएगा।
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जारी होगी सभी जिलों की वार्षिक रैंकिंग
केंद्र हर वर्ष यूपी का आधिकारिक आर्थिक सर्वेक्षण तैयार करेगा। इसमें कृषि, उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा और राज्य वित्त का विस्तृत विश्लेषण होगा। विकास सूचकांकों के आधार पर सभी 75 जिलों की वार्षिक रैंकिंग जारी होगी। छह वर्षों के दौरान दो राज्य विकास रिपोर्ट और दो मानव विकास रिपोर्ट भी प्रकाशित होंगी।
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संचालन और वित्तीय सहयोग
सीडीपीआर के संचालन के लिए उच्चस्तरीय शासी बोर्ड का गठन किया गया है। इसकी संयुक्त अध्यक्षता एलयू के कुलपति और एसटीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी करेंगे। अरविंद मोहन परियोजना के दल प्रमुख व मुख्य सलाहकार होंगे। परियोजना के लिए अनुदान राज्य रूपांतरण आयोग देगा।