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UP: बीओबी में 13 करोड़ के फर्जीवाड़े में तीन और गिरफ्तार, मुख्य आरोपी की मां, पत्नी और नौकर को पकड़ा

Mon, 02 Mar 2026 12:00 AM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Mon, 02 Mar 2026 12:00 AM IST
सार

मुख्य आरोपी बैंक मित्र ने ग्राहकों के एफडी के नाम रकम हड़पी थी। मामले में दो आरोपी पहले ही जेल जा चुके हैं। 12 करोड़ तीनों आरोपियों के बैंक खाते में भेजे गए थे।

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Lucknow: Three more arrested in Rs 13 crore Bank Of Baroda fraud case.
बैंक ऑफ बड़ौदा (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

पारा पुलिस ने बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) में हुए 13 करोड़ के फर्जीवाड़े के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मामले में पुलिस मुख्य आरोपी बैंक मित्र और पूर्व सिक्योरिटी गार्ड को पकड़ चुकी है।

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इंस्पेक्टर सुरेश सिंह के मुताबिक गिरफ्तार किए गए आरोपी काकोरी के नरौना का रहने वाला विकास कुमार, तालकटोरा के सरीपुरा की भाग्यवती राव और कारा निर्मला है। पुलिस फर्जीवाड़े के मुख्य आरोपी बैंक मित्र शिवा और साजिशकर्ता पूर्व सिक्योरिटी गार्ड दीपक को जेल भेज चुकी है। पकड़ी गई भाग्यवती शिवा की पत्नी और कारा निर्मला उसकी मां है। विकास शिवा का नौकर है। पारा के मोहान रोड स्थित शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय परिसर में संचालित बैंक ऑफ बड़ौदा का शिवा बैंक मित्र था। उस पर करीब सौ ग्राहकों के एफडी की नाम पर रकम ऐंठने का आरोप है। पूरा घोटाला करीब 13 करोड़ रुपये का था।
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तीनों आरोपियों के खातों में भेजे गए थे 12 करोड़
इंस्पेक्टर ने बताया कि गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों के बैंक खातों में करीब 12 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन पाया गया था। करीब डेढ़ करोड़ रुपये शिवा ने घर में काम करने वाले नौकर विकास के खाते में ट्रांसफर किए। ठगी की रकम से उसने नौकर के लिए कार भी खरीदी थी।

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बैंक अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका

इंस्पेक्टर ने बताया कि शिवा के साथी दीपक ने फर्जीवाड़े की बड़ी साजिश रची थी। आरोपी इतनी बड़ा फर्जीवाड़ा खुद नहीं कर सकते थे। ऐसे में पूरी आशंका है कि इसमें कई बैंक अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। पुलिस जांच में कुछ अन्य खाताधारकों की भूमिका देखी जा रही है।

गहनों और बिजली उपकरणों में भी खपाई गई रकम
शिवा ने फर्जीवाड़े की कुछ रकम गहनों, बिजली उपकरणों और कुछ संपत्तियों में खपाई थी। पुलिस को आरोपियों के पास से करीब ढाई लाख के जेवर, कार, चांदी के सिक्के, तीन मोबाइल, एक लैपटॉप, प्रिंटर और 47 हजार रुपये बरामद हुए हैं। आरोपी इसी प्रिंटर के जरिये पीड़ित ग्राहकों को देने वाली एफडी की फर्जी रसीदें तैयार करता था।

साक्ष्य मिटाने के लिए बैंक में आग लगाने का लगा था आरोप
बैंक की इसी शाखा में 25 नवंबर 2025 को संदिग्ध हालात में भीषण में आग लग गई थी। घटना में कई दस्तावेज और व अन्य चीजें जलकर राख हो गई थीं। पीड़ित ग्राहकों ने अधिकारियों व आरोपी बैंक मित्र पर फर्जीवाड़े को छिपाने और साक्ष्य मिटाने के लिए आग लगाने का आरोप लगाया था। आग के कारण बैंक के सभी दस्तावेज जलकर राख हो गए थे।

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