आरटीई: रजिस्ट्रेशन में तकनीकी अड़चन, स्कूलों का विकल्प पोर्टल पर दिखाई नहीं दे रहा; अभिभावक परेशान
आरटीई के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए चल रही ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में तकनीकी खामियों से अभिभावक परेशान हैं। कई क्षेत्रों में स्कूलों के विकल्प पोर्टल पर नहीं दिख रहे, वहीं पंजीकरण में त्रुटि सुधार का विकल्प न होने से आवेदन अटक रहे हैं। विभाग को रोज शिकायतें मिल रही हैं।
विस्तार
शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए चल रही ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में तकनीकी खामियां सामने आ रही हैं। अभिभावकों का कहना है कि आवेदन के दौरान कई क्षेत्रों में स्कूलों का विकल्प पोर्टल पर दिखाई नहीं दे रहा है। वहीं पंजीकरण में किसी भी तरह की त्रुटि होने पर संशोधन का विकल्प उपलब्ध नहीं होने से आवेदन समय पर पूरा करना मुश्किल हो रहा है।
जिला बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार राजधानी के 1576 निजी स्कूलों में कुल 21,000 सीटों पर प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन चल रहा है। पोर्टल से जुड़ी दिक्कतों को लेकर प्रतिदिन 35 से 40 शिकायतें दर्ज की जा रही हैं। जिन स्कूलों की मैपिंग पोर्टल पर नहीं है, उनका विकल्प न दिखने से अभिभावकों को परेशानी हो रही है। विभाग का कहना है कि समस्याओं की जानकारी निदेशालय को भेजी जा रही है ताकि तकनीकी सुधार जल्द हो सके।
केस-1
घर के पास 5-7 स्कूल, विकल्प में एक भी नहीं मड़ियाव के अर्जुन नगर की रहने वाली हस्तुन कुरैशी शुक्रवार को बीएसए कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने बताया कि बच्चे का पहली कक्षा में प्रवेश कराना है लेकिन पोर्टल पर आवेदन के दौरान स्कूल का विकल्प नहीं आ रहा है। यह समस्या दो दिनों से है, जबकि घर के आसपास 5 से 7 निजी स्कूल हैं।
केस-2
पंजीकरण में दोबारा सुधार का विकल्प नहीं
जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय पहुंचे मेहंदीगंज निवासी फैजल ने बताया कि पंजीकरण के दौरान वार्ड का नाम गलत हो गया है। अब सुधार करना चाहते हैं तो विकल्प नहीं आ रहा है। इससे परेशानी हो रही है।
बीएसए कार्यालय में अभिभावक कर सकते हैं शिकायत
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विपिन कुमार ने बताया कि आरटीई ऑनलाइन आवेदन के दौरान किसी भी अभिभावक को परेशानी हो रही है तो इसकी शिकायत जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय में कर सकते हैं। समाधान किया जाएगा।