लखनऊ में बृहस्पतिवार को मारुति सुजुकी नेक्सा के अधिकृत वर्कशॉप में आग लग गई। धमाकों से लोग दहल उठे। हादसे में दो करोड़ का सामान जलकर राख हो गया। वर्कशॉप अवैध रूप से चल रहा था। दमकल कर्मियों ने दस गाड़ियों से आग पर काबू पा लिया।
सीतापुर रोड स्थित मौसमबाग कॉलोनी निवासी अश्वनी वर्मा का कल्याणपुर में बीके मोटर्स कार वर्कशॉप है। अश्वनी के भाई राम चंद्र प्रसाद वर्मा ने बताया कि वर्कशॉप में 12 कर्मचारी काम करते हैं। बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे सभी कर्मचारी लंच पर चले गए थे। करीब 2:15 बजे पड़ोस में स्थित निर्वाण हॉस्पिटल के कर्मचारियों को वर्कशॉप से धुएं का गुबार और आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठती दिखाई पड़ीं।
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आग लगने के बाद अफरातफरी मच गई
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
शोर सुन वर्कशॉप के कर्मचारी
शोर सुन वर्कशॉप के कर्मचारी भी आ गए। घटना की जानकारी दमकल और पुलिस को दी गई। कर्मचारी आग बुझाने में जुट गए। तभी वर्कशॉप के स्टोर में इंजन ऑयल, मोबीऑयल और डीजल से भरे ड्रमों के कारण एक बाद-बाद एक करीब 12 धमाके होने लगे। धमक इतनी थी कि लोग दहल उठे।
वर्कशॉप में धुआं भरा हुआ था। इससे दमकल कर्मियों को दिखने में समस्या होने लगी। इस बीच वर्कशॉप का दफ्तर भी आग की चपेट में आ गया। ऐसे में टीम तीन हिस्सों में बट गई। दो टीमें बीआर सेट पहन कर अंदर दाखिल हुईं।
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सेंटर पर धुंआ भर गया
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
छह गाड़ियों को बाहर निकाला
एक टीम ने वहां खड़ी छह गाड़ियों को वहां से किसी तरह से बाहर निकाला। जबकि दूसरी टीम दफ्तर की खिड़कियों और गेट में लगी कांच को तोड़कर अंदर दाखिल हुई। तीसरी टीम बाहर से ही आग पर काबू पा रही थी। धुआं करीब दो किलोमीटर दूर से दिख रहा था। वहीं, रिंग रोड व पुल पर जाम लग गया।
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आग बुझाने हुए दमकल कर्मी
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
ये बात सामने आई
एफएसओ इंदिरानगर ने बताया कि वर्कशॉप अग्निशमन यंत्र की व्यवस्था थी, मगर मालिक के पास एनओसी नहीं थी। ऐसे में उन्हें नोटिस भेज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, आशंका है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी है।
वर्कशॉप में कार के आने-जाने का एक ही रास्ता था। जबकि बगल में दफ्तर था। अगर हादसे के समय वर्कशॉप में कर्मचारी मौजूद होते तो बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल कोई जनहानि नहीं हुई।