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लखनऊ: शहर के मल्टीप्लेक्सों में अब महंगा होगा फिल्म देखना, नगर निगम का टैक्स हुआ चार गुना

Fri, 24 Nov 2023 02:45 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला सिटी रिपोर्टर, लखनऊ
अमर उजाला सिटी रिपोर्टर, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Fri, 24 Nov 2023 02:45 PM IST
सार

वर्ष 2018 में भी मल्टीप्लेक्स का शो टैक्स 25 से 600 रुपये प्रति शो किया गया था, लेकिन विरोध के चलते लागू नहीं हो सका था। इस फैसले का सीधा असर टिकट के दामों पर पड़ेगा। 

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Lucknow: Now watching movies in multiplexes of the city will be expensive
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विस्तार

लखनऊ शहर के मल्टीप्लेक्सों में फिल्म देखना अब महंगा पड़ेगा। ऐसा नगर निगम के एक फैसले की वजह से होने जा रहा है। मल्टीप्लेक्स से नगर निगम प्रति शो 25 रुपये टैक्स वसूलता है। इसे 100 रुपये करने का प्रस्ताव पास हुआ। नगर आयुक्त ने बताया कि प्रस्ताव विधिक परीक्षण के बाद लागू किया जाएगा। जानकारों ने बताया कि वर्ष 2018 में भी मल्टीप्लेक्स का शो टैक्स 25 से 600 रुपये प्रति शो किया गया था, लेकिन विरोध के चलते लागू नहीं हो सका था। इस फैसले का सीधा असर टिकट के दामों पर पड़ेगा। यह फैसला लागू होते ही लखनऊ शहर के मल्टीप्लेक्सों के टिकट दाम दूसरे शहरों के मुकाबले बढ़ जाएंगे। 

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शहर को मिले 238 करोड़ 
शहर के विकास कार्यों को में 238 करोड़ रुपये के पुनरीक्षित बजट की डोज मिली है। इस रकम से मार्च तक सड़क, नाली, इंटरलॉकिंग, पेयजल के लिए सबमर्सिबल के काम कराए जाएंगे। इसके साथ ही 2750 स्ट्रीट लाइटें राजधानी को जगमग करेंगी। बृहस्पतिवार को हल्की नोकझोंक के बीच करीब छह घंटे चली नगर निगम सदन की बैठक में ये निर्णय लिए गए। इसके साथ ही चालू वित्तीय वर्ष 2023-24 का 20 अरब का पुनरीक्षित बजट पास कर दिया गया।
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पार्षद कोटे से कराए जाने वाले कामों का बजट 70 से 240 करोड़ कर दिया गया है। इसमें से सितंबर तक महज दो करोड़ रुपये ही खर्च हुए हैं। ऐसे में बाकी 238 करोड़ रुपये से अब विकास कार्य कराए जाएंगे। महापौर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह ने बताया कि 31 मार्च तक जिन कार्यों के टेंडर होकर काम शुरू हो जाएगा उनका बजट लैप्स नहीं होगा। जो काम टेंडर होने के बाद भी शुरू नहीं हो पाएंगे, उनका बजट लैप्स हो जाएगा। यह व्यवस्था कड़ाई से लागू की रहेगी।
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पहले यदि पार्षद कोटा बच जाता था तो उसे अगले वर्ष की देनदारी में शामिल कर लिया जाता है, जिससे नगर निगम पर बोझ बढ़ता था। ऐसे में अब प्रस्ताव पास किया गया है कि चालू वित्तीय वर्ष के बजट से काम उसी वित्तीय वर्ष में ही कराने होंगे। इसके साथ ही चालू वित्तीय वर्ष में हुए कामों का भुगतान भी हर हाल में 31 मार्च तक कर दिया जाएगा। इससे देनदारी का मामला नहीं रहेगा। शहर के सभी 110 वार्डों में 25-25 स्ट्रीट लाइटें लगाने का प्रस्ताव भी सदन ने पास कर दिया है। विस्तारित क्षेत्र की ज्यादा जरूरत को देखते हुए महापौर अपने स्तर पर भी स्ट्रीट लाइटें उपलब्ध कराएंगी।

श्मशान घाटों, कब्रिस्तान के लिए एक करोड़ का बजट
पुनरीक्षित बजट में नगर निगम ने श्मशान घाटों, कब्रिस्तान आदि में विकास के लिए बजट 90 लाख रुपये बढ़ाते हुए एक करोड़ कर दिया है। सदन में चर्चा के दौरान मनकामेश्वर वार्ड के भाजपा पार्षद रंजीत सिंह यादव ने कहा, बैकुंठधाम सहित शहर के ज्यादातर श्मशान घाट और कब्रिस्तान खराब हाल में हैं। बैकुंठधाम में जिन प्लेटफॉर्मों पर शव जलाए जाते हैं उनकी फर्श में गड्ढे हो गए हैं। डालीगंज के कब्रिस्तान में स्ट्रीट लाइट तक नहीं हैं। ऐसे में रात में अंतिम संस्कार करवाने में परेशानी आती है। इस स्थिति को ठीक करने के लिए 10 लाख के बजट से काम नहीं चलेगा। ऐसे में बजट कम से कम एक करोड़ किया जाए। इस पर नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह ने मुहर लगा दी। साथ ही मुख्य अभियंता को निर्देश दिया कि वे इंजीनियरों को निर्देश दें कि अपने जोन में सभी श्मशान घाटों व कब्रिस्तानों का निरीक्षण करें और पेयजल, बैठने और स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था कराएं। पार्षद कौशलेंद्र द्विवेदी की मांग पर रमाबाई रैली मैदान के पास बंद पड़े श्मशान घाट को शुरू कराने का प्रस्ताव पास हुआ।

बनेगा स्टेडियम और नगर निगम मुख्यालय
नगर निगम शहर में अपना स्टेडियम बनाएगा। यह पीपीपी मॉडल पर बनेगा। इसके लिए जमीन नगर निगम उपलब्ध कराएगा और बनाने का खर्च कंपनी करेगी। स्टेडियम से होने वाली आय में उसकी हिस्सेदारी होगी। नगर निगम नया मुख्यालय भी बनाएगा। दोनों प्रस्तावों के लिए जगह चिह्नित की जाएगी। नगर आयुक्त ने बताया कि कैसरबाग में चकबस्त कोठी की जमीन पर मुख्यालय बनाने का प्रोजेक्ट बना था, लेकिन एएसआई के नियमों के चलते यहां निर्माण नहीं हो पााया।

15 दिन में पूरी हो जाएगी नए काम की प्रक्रिया
मुख्य अभियंता महेश वर्मा ने बताया कि बहुत से प्रस्ताव पार्षद पहले ही दे चुके हैं। अब बजट आवंटित कर टेंडर जारी कर दिया जाएगा। नए प्रस्तावों की टेंडर प्रकिया 15 दिन में पूरी कर ली जाएगी। काम समय से पूरे हों, इसके लिए सभी इंजीनियरों को निर्देश दिए गए हैं वे अपने वार्ड के पार्षद से मिलकर प्रस्ताव लेंगे और फाइलें तैयार करवाकर कार्य शुरू कराएंगे। पार्षद वार्ड में आवश्यकता के अनुसार सड़क, नाली, नाला, कूड़ा गाड़ी, पार्क, पेयजल के लिए सबमर्सिबल और मार्ग प्रकाश के काम करवा सकते हैं।


वंदेमातरम के गान को लेकर नोकझोंक
नगर निगम सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले वंदेमातरम का गान हुआ। इसे लेकर सपा और कांग्रेस ने आपत्ति की, जिसका भाजपा पार्षदों ने विरोध किया। इस पर महापौर ने कहा कि वंदेमातरम का गान विधानसभा और लोकसभा में भी होता है। पहले वंदेमातरम का गान होगा और सदन समाप्त होने पर राष्ट्रगान होगा। सपा पार्षद यावर हुसैर रेशू ने कहा, वंदेमारतम की गान की नई परंपरा डाली गई है। कांग्रेस पार्षद मुकेश सिंह चौहान ने कहा महापौर मनमानी कर विपक्ष की आवाज को दबा रही हैं।

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