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Lucknow News: बेटियों को विरासत में हक देने, तलाक से पहले सुलह पर जोर
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ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के तत्वावधान में आयोजित कांफ्रेंस में बहुविवाह, यूसीसी और दारुल कजा पर भी हुई चर्चा
(फोटो)
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। मुसलमान कुरान की शिक्षाओं को समझकर उन्हें अपनी व्यावहारिक जिंदगी में अपनाएं। यह बात नदवतुल उलमा के नाजिम मौलाना सैयद बिलाल अब्दुल हई हसनी नदवी ने मंगलवार को जामा मस्जिद मुंशी पुलिया में आयोजित तहफ्फुज-ए-शरीयत कांफ्रेंस में कही।
मौलाना इलियास नोमानी ने बेटियों को विरासत में उनका हक देने पर जोर देते हुए उन्हें इससे वंचित करना अन्याय बताया। मौलाना मुनव्वर सुल्तान नदवी ने तलाक से पहले सुलह की कोशिश करने की बात कही। मौलाना सलमान नसीम नदवी ने बहुविवाह में इंसाफ की शर्त समझाई, जबकि मुफ्ती मुहम्मद नसरुल्लाह नदवी ने वसीयत के नियम बताए। इंटीग्रल यूनिवर्सिटी के विधि विभागाध्यक्ष प्रोफेसर नसीम अहमद जाफरी ने मुस्लिम पर्सनल लॉ, समान नागरिक संहिता (यूसीसी), धार्मिक स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों पर विचार रखे।
मुस्लिम वेलफेयर सोसाइटी की ओर से ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के तत्वावधान में आयोजित इस कांफ्रेंस में मुंशी पुलिया क्षेत्र में दारुल कजा की स्थापना पर विचार करने का भी निर्णय लिया गया। बोर्ड की दारुल कजा समिति के संयोजक मौलाना अतीक अहमद बस्तवी ने मार्गदर्शन और इल्मी सहयोग का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि दारुल कजा में पारिवारिक विवादों को कम समय और खर्च में सुलझाने का प्रयास किया जाता है।
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कारी मुहम्मद सलमान ने कुरान की तिलावत और मुहम्मद फरकान ने नात पेश की। काजी अहमद रजा ने स्वागत और आभार जताया। कांफ्रेंस में इमाम, अधिवक्ता, बुद्धिजीवी और महिलाएं शामिल हुईं। संचालन मौलाना मुहम्मद असद नदवी ने किया।
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माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। मुसलमान कुरान की शिक्षाओं को समझकर उन्हें अपनी व्यावहारिक जिंदगी में अपनाएं। यह बात नदवतुल उलमा के नाजिम मौलाना सैयद बिलाल अब्दुल हई हसनी नदवी ने मंगलवार को जामा मस्जिद मुंशी पुलिया में आयोजित तहफ्फुज-ए-शरीयत कांफ्रेंस में कही।
मौलाना इलियास नोमानी ने बेटियों को विरासत में उनका हक देने पर जोर देते हुए उन्हें इससे वंचित करना अन्याय बताया। मौलाना मुनव्वर सुल्तान नदवी ने तलाक से पहले सुलह की कोशिश करने की बात कही। मौलाना सलमान नसीम नदवी ने बहुविवाह में इंसाफ की शर्त समझाई, जबकि मुफ्ती मुहम्मद नसरुल्लाह नदवी ने वसीयत के नियम बताए। इंटीग्रल यूनिवर्सिटी के विधि विभागाध्यक्ष प्रोफेसर नसीम अहमद जाफरी ने मुस्लिम पर्सनल लॉ, समान नागरिक संहिता (यूसीसी), धार्मिक स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों पर विचार रखे।
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मुस्लिम वेलफेयर सोसाइटी की ओर से ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के तत्वावधान में आयोजित इस कांफ्रेंस में मुंशी पुलिया क्षेत्र में दारुल कजा की स्थापना पर विचार करने का भी निर्णय लिया गया। बोर्ड की दारुल कजा समिति के संयोजक मौलाना अतीक अहमद बस्तवी ने मार्गदर्शन और इल्मी सहयोग का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि दारुल कजा में पारिवारिक विवादों को कम समय और खर्च में सुलझाने का प्रयास किया जाता है।
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कारी मुहम्मद सलमान ने कुरान की तिलावत और मुहम्मद फरकान ने नात पेश की। काजी अहमद रजा ने स्वागत और आभार जताया। कांफ्रेंस में इमाम, अधिवक्ता, बुद्धिजीवी और महिलाएं शामिल हुईं। संचालन मौलाना मुहम्मद असद नदवी ने किया।