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Lucknow News: नगर निगम ने कतकी मेला के लिए झूले लाल घाट किया आवंटित
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नगर निगम ने कतकी मेला के लिए झूले लाल घाट किया आवंटित
टेंडर से 2.77 करोड़ में किया आवंटन, डेढ़ महीने तक चलेगा मेला
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। गोमती नदी के किनारे झूलेलाल घाट पर लगने वाले कतकी मेला के लिए नगर निगम ने स्थल आवंटित कर दिया है। मेला 24 नवंबर से 07 जनवरी तक चलेगा। टेंडर के जरिये किए गए स्थल आवंटन में नगर निगम को इस बार पिछले साल की तुलना में करीब 66 प्रतिशत पैसा अधिक मिला है। इस साल नगर निगम ने 04 करोड़ 61 लाख 786 रुपये में टेंडर दिया है। वहीं, बीते साल 02 करोड़ 77 लाख रुपये के टेंडर उठा था। इस तरह यह बीते साल से 01 करोड़ 84 लाख रुपये अधिक है। पिछले सालों से मेला के टेंडर को लेकर कई बार विवाद भी उठे थे। इस कतकी मेले को बुड़क्की का मेला या गंगा स्नान मेला भी कहते हैं। शहर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस मेले की परंपरा अवध के नवाबी दौर से जुड़ी है। परंपरागत रूप से कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर गोमती नदी में स्नान के साथ मेले की शुरुआत होती है। पहले यह मेला डालीगंज पुल और सूरज कुंड के आसपास आयोजित होता था। बीते कई सालों अब गोमती तट स्थित झूलेलाल वाटिका में इसका आयोजन किया जाता है।
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टेंडर से 2.77 करोड़ में किया आवंटन, डेढ़ महीने तक चलेगा मेला
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। गोमती नदी के किनारे झूलेलाल घाट पर लगने वाले कतकी मेला के लिए नगर निगम ने स्थल आवंटित कर दिया है। मेला 24 नवंबर से 07 जनवरी तक चलेगा। टेंडर के जरिये किए गए स्थल आवंटन में नगर निगम को इस बार पिछले साल की तुलना में करीब 66 प्रतिशत पैसा अधिक मिला है। इस साल नगर निगम ने 04 करोड़ 61 लाख 786 रुपये में टेंडर दिया है। वहीं, बीते साल 02 करोड़ 77 लाख रुपये के टेंडर उठा था। इस तरह यह बीते साल से 01 करोड़ 84 लाख रुपये अधिक है। पिछले सालों से मेला के टेंडर को लेकर कई बार विवाद भी उठे थे। इस कतकी मेले को बुड़क्की का मेला या गंगा स्नान मेला भी कहते हैं। शहर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस मेले की परंपरा अवध के नवाबी दौर से जुड़ी है। परंपरागत रूप से कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर गोमती नदी में स्नान के साथ मेले की शुरुआत होती है। पहले यह मेला डालीगंज पुल और सूरज कुंड के आसपास आयोजित होता था। बीते कई सालों अब गोमती तट स्थित झूलेलाल वाटिका में इसका आयोजन किया जाता है।