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Lucknow News: एनसीएलएटी में अंसल मामले की सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित
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एनसीएलएटी में अंसल मामले की सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित
एक सप्ताह में सभी पक्षों को दाखिल करना होगा लिखित पक्ष
जनवरी में फैसला आने की उम्मीद
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) में अंसल मामले की सुनवाई बृहस्पतिवार को पूरी हो गई। फैसला सुरक्षित कर लिया गया है। एक सप्ताह में सभी पक्षों को अपना लिखित पक्ष न्यायालय में दाखिल करना होगा। इसके बाद जनवरी में फैसला आने की उम्मीद है।
राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की ओर से फरवरी में अंसल को दिवालिया घोषित किए जाने के विरोध में राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) में केस चल रहा है। करीब चार तीन महीनें तक केस की तारीखें तो लगी मगर सुनवाई नहीं हो पा रही थी। इस सप्ताह तीन दिन सोमवार, मंगलवार और बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई। जिसमें सोमवार को एलडीए की ओर से कोर्ट में यहा दावा पेश किया गया था कि अंसल कंपनी की हाईटेक टाउनशिप पर पहला अधिकार उसका है। इसको लेकर एलडीए की ओर से कंपनी से अनुबंध और हाईटेक टाउनशिप नीति को साक्ष्य के तौर पर पेश किए गए थे। टाउनशिप में मकान, प्लाट और फ्लैट खरीदारों की ओर से एलडीए के दावे का समर्थन किया गया था। मंगलवार को अंसल कंपनी और अंसल को 83 करोड़ का कर्ज देने वाली वित्तीय संस्था आईएफएसल के अधिवक्ताओं ने अपना पक्ष रखा था लेकिन कोई फैसला नहीं हो पाया था और बृहस्पतिवार को फिर केस लगा था। जिसमें आईएसएसएल, एलडीए और खरीदारों की ओर से फिर अपना-अपना पक्ष रखा गया। सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया और सभी पक्षों को एक सप्ताह में लिखित पक्ष रखने का आदेश दिया। उसके बाद फैसला सुनाया जाएगा। आवंटी व निवेशक गगन टंडन ने कहा कि उम्मीद है कि जनवरी में फैसला आ जाएगा और आवंटियों की जीत होगी।
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एक सप्ताह में सभी पक्षों को दाखिल करना होगा लिखित पक्ष
जनवरी में फैसला आने की उम्मीद
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) में अंसल मामले की सुनवाई बृहस्पतिवार को पूरी हो गई। फैसला सुरक्षित कर लिया गया है। एक सप्ताह में सभी पक्षों को अपना लिखित पक्ष न्यायालय में दाखिल करना होगा। इसके बाद जनवरी में फैसला आने की उम्मीद है।
राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की ओर से फरवरी में अंसल को दिवालिया घोषित किए जाने के विरोध में राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) में केस चल रहा है। करीब चार तीन महीनें तक केस की तारीखें तो लगी मगर सुनवाई नहीं हो पा रही थी। इस सप्ताह तीन दिन सोमवार, मंगलवार और बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई। जिसमें सोमवार को एलडीए की ओर से कोर्ट में यहा दावा पेश किया गया था कि अंसल कंपनी की हाईटेक टाउनशिप पर पहला अधिकार उसका है। इसको लेकर एलडीए की ओर से कंपनी से अनुबंध और हाईटेक टाउनशिप नीति को साक्ष्य के तौर पर पेश किए गए थे। टाउनशिप में मकान, प्लाट और फ्लैट खरीदारों की ओर से एलडीए के दावे का समर्थन किया गया था। मंगलवार को अंसल कंपनी और अंसल को 83 करोड़ का कर्ज देने वाली वित्तीय संस्था आईएफएसल के अधिवक्ताओं ने अपना पक्ष रखा था लेकिन कोई फैसला नहीं हो पाया था और बृहस्पतिवार को फिर केस लगा था। जिसमें आईएसएसएल, एलडीए और खरीदारों की ओर से फिर अपना-अपना पक्ष रखा गया। सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया और सभी पक्षों को एक सप्ताह में लिखित पक्ष रखने का आदेश दिया। उसके बाद फैसला सुनाया जाएगा। आवंटी व निवेशक गगन टंडन ने कहा कि उम्मीद है कि जनवरी में फैसला आ जाएगा और आवंटियों की जीत होगी।
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