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Lucknow News: राजधानी में 500 गर्भवती के नहीं बने ई वाउचर
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राजधानी में 500 गर्भवती के नहीं बने ई वाउचर
- ई वाउचर से निजी केंद्र पर होता मुफ्त अल्ट्रासाउंड, खाते में पैसा न होने से इस माह में दूसरी बार नहीं जनरेट हुए वाउचर
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। अलीगंज इलाके की रहने वाली गर्भवती अनीता सीएचसी पर लगे सत्र पर ई वाउचर जनरेट कराने के लिए गई थी। सीएचसी पर उनकी जांच हो गई मगर ई वाउचर जनरेट नहीं हो सका। उन्हें महिला अस्पताल से जांच कराने की सलाह देकर वापस कर दिया गया। ऐसी स्थिति मंगलवार को सभी सीएचसी की रही। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत लगे सत्र में किसी भी सीएचसी से ई वाउचर जनरेट नहीं हो सके। सभी सीएचसी से उन्हें अगले सत्र में आने की बात कहकर वापस किया गया। बजट न होने से ई वाउचर जनरेट नहीं हो रहे हैं। ऐसी नौबत सितंबर माह के दूसरे सत्र में आई है।
सीएमओ के अधीन 20 सीएचसी का संचालन हो रहा है। इसमें नौ सीएचसी पर अल्ट्रासाउंड की सुविधा है। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान कार्यक्रम के तहत हर माह की एक, नौ, 16 और 24 तारीख को गर्भवती का नि:शुल्क इलाज, अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था की जाती है, जिन सीएचसी पर अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं है। उन सीएचसी से गर्भवतियों को ई-वाउचर जनरेट करके दिया जाता है। उस ई-वाउचर से गर्भवती अपने नजदीकी निजी केंद्र पर जाकर मुफ्त अल्ट्रासाउंड कराती थी। हर सीएचसी जरिये 25-30 ई वाउचर जनरेट किए जाते हैं। एक अनुमान के मुताबिक, हर सत्र में करीब 500 ई वाउचर गर्भवती को वितरित किए जाते हैं। ई वाउचर 30 दिन तक ही वैध होता है। बजट न होने से ई वाउचर जनरेट नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में गर्भवतियों को दूसरे सरकारी अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। वहां पर पहले से ही अल्ट्रासाउंड की भीड़ है। नतीजा गर्भवती निजी केंद्रों पर शुल्क देकर जांच करवाने को मजबूर हैं।
वर्जन
जिले में 74 निजी केंद्र से स्वास्थ्य विभाग का अनुबंध है। इन केंद्रों पर गर्भवतियों का नि:शुल्क अल्ट्रासाउंड किया जाता है। दो सत्र से कुछ समस्या आ रही हैं इसका समाधान कराया जाएगा ताकि गर्भवती को दिक्कत न हो।
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डॉ. एनबी सिंह, सीएमओ
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- ई वाउचर से निजी केंद्र पर होता मुफ्त अल्ट्रासाउंड, खाते में पैसा न होने से इस माह में दूसरी बार नहीं जनरेट हुए वाउचर
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। अलीगंज इलाके की रहने वाली गर्भवती अनीता सीएचसी पर लगे सत्र पर ई वाउचर जनरेट कराने के लिए गई थी। सीएचसी पर उनकी जांच हो गई मगर ई वाउचर जनरेट नहीं हो सका। उन्हें महिला अस्पताल से जांच कराने की सलाह देकर वापस कर दिया गया। ऐसी स्थिति मंगलवार को सभी सीएचसी की रही। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत लगे सत्र में किसी भी सीएचसी से ई वाउचर जनरेट नहीं हो सके। सभी सीएचसी से उन्हें अगले सत्र में आने की बात कहकर वापस किया गया। बजट न होने से ई वाउचर जनरेट नहीं हो रहे हैं। ऐसी नौबत सितंबर माह के दूसरे सत्र में आई है।
सीएमओ के अधीन 20 सीएचसी का संचालन हो रहा है। इसमें नौ सीएचसी पर अल्ट्रासाउंड की सुविधा है। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान कार्यक्रम के तहत हर माह की एक, नौ, 16 और 24 तारीख को गर्भवती का नि:शुल्क इलाज, अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था की जाती है, जिन सीएचसी पर अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं है। उन सीएचसी से गर्भवतियों को ई-वाउचर जनरेट करके दिया जाता है। उस ई-वाउचर से गर्भवती अपने नजदीकी निजी केंद्र पर जाकर मुफ्त अल्ट्रासाउंड कराती थी। हर सीएचसी जरिये 25-30 ई वाउचर जनरेट किए जाते हैं। एक अनुमान के मुताबिक, हर सत्र में करीब 500 ई वाउचर गर्भवती को वितरित किए जाते हैं। ई वाउचर 30 दिन तक ही वैध होता है। बजट न होने से ई वाउचर जनरेट नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में गर्भवतियों को दूसरे सरकारी अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। वहां पर पहले से ही अल्ट्रासाउंड की भीड़ है। नतीजा गर्भवती निजी केंद्रों पर शुल्क देकर जांच करवाने को मजबूर हैं।
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वर्जन
जिले में 74 निजी केंद्र से स्वास्थ्य विभाग का अनुबंध है। इन केंद्रों पर गर्भवतियों का नि:शुल्क अल्ट्रासाउंड किया जाता है। दो सत्र से कुछ समस्या आ रही हैं इसका समाधान कराया जाएगा ताकि गर्भवती को दिक्कत न हो।
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डॉ. एनबी सिंह, सीएमओ