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Lucknow: हाउसटैक्स के बकायेदारों पर होगी सख्ती, इस बार तीन महीने पहले ही जमा करना होगा गृहकर
Thu, 10 Aug 2023 10:29 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
प्रवेंद्र गुप्ता, अमर उजाला, लखनऊ
प्रवेंद्र गुप्ता, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 10 Aug 2023 10:29 AM IST
सार
लखनऊ नगर निगम ने लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए इस बार तीन महीने पहले ही गृहकर वसूलने की योजना बनाई है। नोटिस जारी होने के अधिकतम 15 दिन बाद तक गृहकर न देने पर सीलिंग व कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।
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- फोटो : amar ujala
विस्तार
गृहकर बकायेदारों पर इस बार नगर निगम छह महीने पहले ही सख्ती करने जा रहा है। अभी तक वित्तीय वर्ष के अंतिम महीने मार्च में ही बकायेदारों के खिलाफ सीलिंग-कुर्की की कार्रवाई होती थी, मगर लोकसभा चुनाव को देखते हुए नगर निगम ने अपनी योजना बदल दी है। गृहकर वसूली का लक्ष्य मार्च के बजाय दिसंबर में ही पूरा करेगा। इसको लेकर बकायेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आदेश भी जोनल अधिकारियों को जारी कर दिया गया है।
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बकाया गृहकर वसूली को लेकर नगर निगम प्रशासन की ओर से जो तैयारी की गई है उसमें टैक्स न जमा करने वाले को पहले बिल जारी किया जाएगा। इसके बाद नोटिस ऑफ डिमांड (वसूली के लिए नोटिस) जारी किया जाएगा। नोटिस में बकायेदार को अधिकतम 15 दिन का समय टैक्स जमा करने के लिए दिया जाएगा। इसके बाद भी टैक्स नहीं जमा करने पर अंतिम नोटिस जारी करते हुए सीलिंग और कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले समाचार पत्रों में सीलिंग-कुर्की नोटिस का प्रकाशन भी कराया जाएगा। इस नोटिस में भी 15 दिन का अधिकतम समय दिया जाएगा। बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने का आदेश मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अम्बी बिष्ट की ओर से जारी कर दिया गया है।
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करीब 3.75 लाख हैं बकायेदार
नगर निगम में करीब छह लाख भवनस्वामी दर्ज हैं। इनमें से 2.25 लाख ने अपना टैक्स जमा कर दिया है। ऐसे में करीब 3.75 लाख मकानों से अभी नगर निगम को टैक्स वसूलना है। चालू वित्तीय वर्ष मेंं नगर निगम अप्रैल से अब तक 125 करोड़ रुपये टैक्स वसूल चुका है।
दोगुना हो गया गृहकर वसूली का लक्ष्य
नगर निगम ने चालू वित्तीय वर्ष में 380 करोड़ रुपये गृहकर वसूली का लक्ष्य रखा था, जिसे बढ़ाकर अब 625 करोड़ रुपये कर दिया गया है। जोनवार वसूली का लक्ष्य भी तय कर दिया गया है। इस बारे में मुख्य कर निर्धारण अधिकारी का कहना है कि जो लक्ष्य बढ़ा है, वह बकाया टैक्स को मिलाकर है। चालू वित्तीय वर्ष का टैक्स 321 करोड़ रुपये है। बाकी 304 करोड़ रुपये बकाया वसूली का लक्ष्य है।
किस जोन को दिया गया कितना लक्ष्य
जोन एक 100 करोड़
जोन दो 35 करोड़
जोन तीन 85 करोड़
जोन चार 100 करोड़
जोन पांच 45 करोड़
जोन छह 60 करोड़
जोन सात 100 करोड़
जोन आठ 100 करोड़ (वसूली का लक्ष्य रुपये में)
पहले बड़े बकायेदारों पर होगी सख्ती
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अम्बी बिष्ट का कहना है कि लोकसभा चुनाव में कर्मचारियों की ड्यूटी लग जाती है। ऐसे में कोशिश है कि टैक्स की वसूली उससे पहले कर ली जाए। जो लक्ष्य बढ़ा है, उसमें पिछले सालों का बकाया टैक्स भी शामिल है। पहले बड़े बकायेदारों पर सख्ती की जाएगी। वैसे अगस्त में टैक्स जमा करने पर 10 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही। ऐसे में भवनस्वामी अपना टैक्स जमा कर छूट का लाभ भी ले सकते हैं।