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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Lucknow News: If the possession of the villa is not given in one month, then Ansal's account will be seized

Lucknow News : एक माह में विला पर कब्जा न दिया तो सीज होगा अंसल का खाता, भटक रहा खरीदार

Tue, 21 Mar 2023 09:23 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Tue, 21 Mar 2023 09:23 PM IST
सार

कोर्ट ने कंपनी के निदेशकगण को भी इस आशय का नोटिस भेजने का निर्देश दिया कि क्यों न उनके खिलाफ भी आपराधिक वाद चलाया जाए। यह आदेश राज्य उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अशोक कुमार की एकल पीठ ने दिया। मामले की अगली सुनवाई अब 21 अप्रैल को होगी।

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Lucknow News: If the possession of the villa is not given in one month, then Ansal's account will be seized
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

1.56 करोड़ की धनराशि प्राप्त करने के दस साल बाद भी बिल्डर कंपनी की तरफ से खरीदार को आवंटित विला पर कब्जा न देना गंभीर मामला है। इसके लिए बिल्डर कंपनी अंसल प्रापर्टी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा.लि. को एक माह की मोहलत दी जाती है कि वह खरीदार को आवंटित विला पर कब्जा उपलब्ध कराए। ऐसा न करने पर बिल्डर कंपनी के बैंक खाते को सीज करने की कार्रवाई होगी।

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कोर्ट ने कंपनी के निदेशकगण को भी इस आशय का नोटिस भेजने का निर्देश दिया कि क्यों न उनके खिलाफ भी आपराधिक वाद चलाया जाए। यह आदेश राज्य उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अशोक कुमार की एकल पीठ ने दिया। मामले की अगली सुनवाई अब 21 अप्रैल को होगी।

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परेश प्रसाद की तरफ से राज्य उपभोक्ता आयोग में दाखिल इस वाद में पीड़ित ने बिल्डर कंपनी की तरफ से संचालित डाउन पेमेंट योजना में विला नं. 149 सेक्टर-डी पॉकेट-2 सुशांत गोल्फ सिटी, सुल्तानपुर रोड लखनऊ में बुक कराई थी। 1.95 करोड़ रुपये लागत की इस विला के एवज में क्रेता की तरफ से वर्ष 2012 में ही बिल्डर कंपनी को 1.56 करोड़ की राशि भी चुकाई जा चुकी है। इस दौरान बिल्डर कंपनी की तरफ से बताया गया कि सभी घोषित सुविधाओं व इंटीरियर के साथ आवंटित विला का कब्जा नवंबर 2014 तक सौंपा जाएगा, लेकिन दस साल बीत जाने के बाद भी आवंटित विला से जुड़ा निर्माण कार्य तक पूरा नहीं हो पाया है।
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अपीलार्थी की तरफ से बताया गया कि बिल्डर कंपनी को चुकाई गई धनराशि बैंक से ब्याज पर ऋण प्राप्त कर ली गई थी। ऐसे में बिना कब्जा प्राप्त किए ही उसे ब्याज की एक बड़ी धनराशि भी बैंक को नियमित तौर पर चुकाना पड़ रही है। बीते 5 दिसंबर 2022 को हुई इस केस की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने बिल्डर कंपनी को निर्देश दिया था कि वह अगली सुनवाई तिथि पर आवंटित विला के निर्माण के संबंध में समस्त विवरण शपथपत्र एवं रंगीन छायाचित्रों के साथ प्रस्तुत करेगी, लेकिन इसका अनुपालन भी नहीं किया गया। ऐसे में अब इस मामले में अंसल को आवंटित विला पर क्रेता को कब्जा दिलवाने के लिए एक माह की मोहलत दी जाती है। इसका पालन न होने पर कोर्ट बिल्डर कंपनी के बैंक खाते को सीज करने के साथ ही निदेशकगण को भी व्यक्तिगत तौर पर तलब कर सख्त वैधानिक कार्रवाई तय करेगा।

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