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Lucknow News : 1.31 करोड़ रुपये के घोटाले में पॉवर कॉरपोरेशन के तीन एसडीओ समेत छह पर भ्रष्टाचार का मुकदमा
Mon, 25 Dec 2023 12:07 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 25 Dec 2023 12:07 AM IST
सार
हरदोई के गांवों के विद्युतीकरण में हुए 1.31 करोड़ रुपये के घोटाले के मामले में उप्र सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने तीन तत्कालीन उप खंड अधिकारियों (एसडीओ) समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
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- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
हरदोई के गांवों के विद्युतीकरण में हुए 1.31 करोड़ रुपये के घोटाले के मामले में उप्र सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने तीन तत्कालीन उप खंड अधिकारियों (एसडीओ) समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। भ्रष्टाचार से घिरे इन अधिकारियों के खिलाफ विजिलेंस के लखनऊ सेक्टर थाने आईपीसी की धारा 420 व 120 बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 (1) (ए) व 13 (2) के तहत दर्ज किया गया है।
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जिन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, उनमें तत्कालीन उप खंड अधिकारी देवेन्द्र प्रसाद जोशी, अमजद अली और प्रमोद आनंद के अलावा तत्कालीन तत्कालीन अवर अभियंता बैजनाथ सिंह, नरेश सिंह और कार्यदायी संस्था मेसर्स रिलायंस एनर्जी लिमिटेड के सीनियर मैनेजर प्रोजेक्ट अशोक कुमार शामिल हैं। विजिलेंस की प्राथमिकी के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2005-06 में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत हरदोई के गांवों में विद्युतीकरण का काम कराया गया था। जिसमें 1.31 करोड़ रुपये के घोटाले की शिकायत हुई थी।
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इस पर केन्द्र सरकार के निर्देश पर प्रकरण की जांच विजिलेंस को दी गई थी। जांच में पाया गया था कि करीब 85 गांवों के लिए विद्युतीकरण के लिए मेसर्स रिलायंस लिमिटेड द्वारा की गई आपूर्ति में 466 8.5 मीटर वाले पीसीसी पोल कम मिले थे। फिर भी इसका 32.49 लाख 418 रुपये अधिक भुगतान कर दिया गया। इसी प्रकार 9 मीटर लंबाई वाले 35 पीसीसी पोल भी कम मिले थे और इसके लिए 10.35 लाख 544 रुपये अधिक भुगतान किया गया है ।
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इसके अलावा एलटी लाइन के लिए भी पोल की कम आपूर्ति करके अधिक भुगतान करने की शिकायत भी पुष्टि हुई थी। इसी प्रकार जांच में कई अन्य प्रकार की अनियमितिताओं की भी पुष्टि हुई थी।