महापौर ने दिए आदेश: आवारा कुत्ते पकड़ने पर लगी रोक हटवाने सुप्रीम कोर्ट जाएगा लखनऊ नगर निगम
लखनऊ में आवारा कुत्तों के आतंक को देखते हुए महापौर संयुक्ता भाटिया ने इनके पकड़ने पर लगी रोक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का निर्देश दिया है।
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लखनऊ शहर में आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों को देखते हुए नगर निगम प्रशासन अब सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ अपील करेगा, जिसमें इन्हें पकड़ने पर रोक है। इसे लेकर महापौर संयुक्ता भाटिया ने नगर निगम में विशेष बैठक की। 10 दिन पहले पुराने लखनऊ के मुसाहिबगंज में आवारा कुत्तों के हमले में एक मासूम की मौत हो गई थी। वहीं, उसकी बहन गंभीर रूप से घायल हो गई थी। घटना के बाद से शहर में आवारा कुत्ते पकड़ने की लगातार मांग हो रही है। इस पर नगर निगम ने कुत्तों को पकड़ा तो, लेकिन पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के आदेश के चलते नसबंदी के बाद इन्हें फिर उन्हीं जगहों पर छोड़ दिया गया। वहीं, कुत्तों की नसबंदी को लेकर चल रहा अभियान भी नाकाफी है। सुस्त रफ्तार के चलते जितने कुत्तों की नसबंदी होती है, उससे कई गुना इनकी आबादी बढ़ जाती है। बैठक में नगर आयुक्त व संयुक्त निदेशक पशु कल्याण व पशु चिकित्सक व अन्य अधिकारी भी थे।
कोर्ट में बताएं जनता की परेशानियां
महापौर ने कहा कि आवारा कुत्तों के काटने से लोगों की जान जा रही है। इसके अलावा घायल हो रहे हैं। जनता की इन परेशानियों को कोर्ट को बताया जाए। इसके लिए रिट फाइल की जाए। इस पर नगर आयुक्त ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को रिट तैयार कराने और वकील चयन के लिए कार्रवाई के निर्देश दिए। महापौर ने यह भी कहा कि अमेरिका, इंग्लैंड में सड़क पर कुत्ते नहीं दिखते। पता किया जाए वहां आवारा कुत्तों को लेकर ऐसा क्या किया जाता है। यह भी कहा कि इंदौर में भी आवारा कुत्ते सड़क पर नहीं दिखते। वहां के एक्शन प्लान का भी पता किया जाए। महापौर ने इंदिरानगर स्थित जरहरा पशु चिकित्सालय और अमौसी की शूटिंग रेंज में कुत्तों की नसबंदी करने वाले सेंटरों की क्षमता तीन गुना करने के निर्देश दिए।
कभी पकड़कर नहीं रखे गए आवारा कुत्ते
संयुक्त निदेशक पशु कल्याण डॉ. अरविंद राव ने बताया कि अब तक आवारा कुत्तों को कभी पकड़कर नहीं रखा गया है। बीते 20 सालों में कई बार हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश आए हैं, जिनमें कुत्तों को पकड़ने पर रोक लगाई गई। वर्ष 2016 में तो सुप्रीम कोर्ट ने सभी हाईकोर्ट को यह आदेश दिया कि वह अपने स्तर से आवारा कुत्तों को पकड़ने से संबंधित कोई आदेश नहीं करेंगे।
नगर आयुक्त अजय द्विवेदी ने कहा है कि महापौर ने सुप्रीम कोर्ट में अपील के निर्देश दिए हैं। जल्द ही रिट दायर की जाएगी। आवारा कुुत्तों के काटने से होने वाले हादसों के बारे में जनता का पक्ष रखा जाएगा।