बहुत जल्द देश में बिना ड्राइवर के दौड़ेगी ट्रेन!
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वह दिन दूर नहीं जब ट्रेनें बिना ड्राइवर के दौड़ती दिखाई देंगी। इसके लिए अनुसंधान अभिकल्प व मानक संगठन (आरडीएसओ) साल के अंत तक कम्युनिकेशन बेस्ड ऑटोमेटिक ट्रेन कंट्रोल सिस्टम विकसित करेगा।
सबसे पहले इस तकनीक का इस्तेमाल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लखनऊ मेट्रो में किया जाएगा। प्रोग्राम बेस्ड रिमोट सिस्टम वाली ऐसी ट्रेनें इंग्लैंड के डॉकयार्ड में पहले से चलाई जा रही हैं।
रेडियो कम्युनिकेशन रोकेगा टक्कर
रेडियो बेस कम्युनिकेशन सिस्टम से ट्रेन को उसके आगे चल रहीं दो अन्य ट्रेनों की दूरी का पता चल सकेगा। यदि आगे कोई ट्रेन खड़ी होगी तो पीछे चलने वाली ट्रेन एक किमी पहले खुद-ब-खुद रुक जाएगी।
ऐसे काम करेगा सिस्टम
जल्द ही आएगी तकनीक, दिसंबर तक अंतिम परीक्षण आरडीएसओ इस तकनीक को जल्द ही विदेश से आयात कर परीक्षण शुरू कर देगा। तकनीक का दिसंबर तक अंतिम परीक्षण करने के बाद उसे विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
जुलाई 2016 तक आरडीएसओ इस तकनीक को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लखनऊ मेट्रो में ट्रायल के लिए विकसित कर लेगा। दिसंबर 2016 तक पहले चरण के मेट्रो रेल पर इसे लागू किया जाएगा।
इस सिस्टम के तहत ट्रेन की प्रोग्रामिंग में रेलवे स्टेशनों की दूरी, वहां तक पहुंचने के लिए अंतराल पर कम और तेज होने वाली गति और स्टेशनों पर ठहराव का समय फीड होगा।
ट्रैक मैपिंग मशीन से टलेंगे हादसे
सिग्नल के लाल और हरा होने की दशा में सेंसर प्रणाली ट्रेन की ट्रैक्सन मोटर मशीन को खुद ही चालू कर देगी। यदि पटरी में कोई गड़बड़ी या फिर वह टूटी होगी तो ट्रैक मैपिंग मशीन से ट्रेन पहले ही रुक जाएगी।