मेट्रो रूट के पास चाहिए दुकान तो पढ़िए ये खबर...
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बालागंज में मेट्रो की आहट का ये असर है। सालों से खाली पड़ी लखनऊ विकास प्राधिकरण की दुकानें महंगे दामों में नीलामी हुई। एक दुकान की कीमत करीब चार लाख रुपये वर्ग फीट तक चली गई।
12 वर्ग मीटर की ये दुकान करीब 50 लाख रुपये की बिकी। प्राधिकरण को कॉमर्शियल संपत्तियों की नीलामी से करीब 70 करोड़ रुपये की आय हुई। गोमती नगर योजना और हरदोई रोड योजना में 18 प्लॉट की नीलामी हुई।
गोमती नगर विस्तार में तीन, शारदा नगर में एक, प्रियदर्शनी योजना में तीन, जानकीपुरम विस्तार योजना में तीन प्लॉटों की नीलामी हुई।
इनके अलावा गोमती नगर के विवेक खंड नीलकंठ के पास चार, विभव खंड में चार, गोमती नगर फेज-2 विराटखंड-1 में आठ, टिकैतराय योजना में एक, बालागंज में 58, कानपुर रोड ब्रह्मकुंज में 34, कानपुर रोड योजना गोल मार्केट में 11, कानपुर रोड के अन्नपूर्णा कांप्लेक्स में 20, प्रियदर्शनी योजना सेक्टर-बी में 67, प्रियदर्शनी योजना सेक्टर-सी में 25, प्रियदर्शनी योजना सेक्टर-बी में 26 नई बनीं दुकानें, डालीगंज में दो, अलीगंज सेक्टर-जी में दो, अलीगंज सेक्टर-एन पॉकेट-2 में 12 और बसंतकुंज हरदोई रोड पर सेक्टर-सी में 10 दुकानों की नीलामी हुई।
डेढ़ लाख से अचानक 11 लाख की लग गई बोली
सबसे अधिक मारामारी बालागंज की दुकानों को लेकर रही। दरअसल भविष्य में इस चौराहे से होकर मेट्रो का ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर गुजरेगा। इस वजह से यहां 65 हजार रुपये वर्ग मीटर वाली दुकानों की कीमत 4 लाख रुपये वर्ग मीटर तक पहुंच गई। एलडीए के संयुक्त सचिव एनएन सिंह ने बताया कि लगभग 70 करोड़ रुपये की आमदनी एलडीए को इस नीलामी से हुई है।
बालागंज मार्केट की दुकान के लिए बेस प्राइस करीब 60 हजार से बढ़ कर एक दुकान की बोली करीब डेढ़ लाख रुपये प्रति वर्ग मीटर पहुंची। मगर अचानक लता गुप्ता नाम की आवेदक की ओर से बोली लगाने वाले व्यक्ति ने 11 लाख रुपये की बोली लगा दी।
इस पर दूसरी तरफ के लोगों ने कहा कि, उनको दुकान नहीं खरीदनी है। जिन्होंने 11 लाख रुपये वर्ग मीटर की बोली लगाई है उनको ये बेच दी जाए। इस हिसाब से 12 वर्ग मीटर की दुकान की कीमत करीब सवा करोड़ रुपये होती है।
आवेदक से बोली संबंधित कागजात पर दस्तख्त करवाये गये। अगर अब बोलीकर्ता इस दुकान को नहीं खरीदेगा तो उसकी जमानत राशि जब्त कर ली जाएगी।