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Lucknow : बढ़ गई खादिमुल हुज्जाज की जिम्मेदारी, हज सेवक को अब करनी होगी 150 की जगह 300 यात्रियों की सेवा
Fri, 31 Mar 2023 05:17 AM IST
दुष्यंत शर्मा
मोहम्मद इरफान, लखनऊ
मोहम्मद इरफान, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 31 Mar 2023 05:17 AM IST
सार
हज कमेटी ऑफ इंडिया ने खादिमुल हुज्जाज की जिम्मेदारी के बोझ को इस बार बढ़ाया है। हज की नई पालिसी में हज सेवकों की संख्या कम करने के लिए नियमों में कई बदलाव किये गये हैं।
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हज यात्रा
- फोटो : FILE PHOTO
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विस्तार
सऊदी अरब में हज यात्रा के दौरान एक खादिमुल हुज्जाज (हज सेवक) पर अब 150 की बजाए 300 हज यात्रियों की खिदमत की जिम्मेदारी होगी। हज कमेटी ऑफ इंडिया ने खादिमुल हुज्जाज की जिम्मेदारी के बोझ को इस बार बढ़ाया है। हज की नई पालिसी में हज सेवकों की संख्या कम करने के लिए नियमों में कई बदलाव किये गये हैं।
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हज यात्रियों की मदद के लिए हज कमेटी ऑफ इंडिया पुरुष व महिला कर्मचारियों को हज सेवक बनाकर हज यात्रियों के साथ रवाना करती है। हज सेवकों पर होने वाला कुल खर्च का 50 फीसदी हज कमेटी ऑफ इंडिया और 50 फीसदी राज्य हज कमेटियां वहन करती हैं। हज सेवकों पर यात्रियों को ठहराने से लेकर उन्हें हज के अरकान पूरा कराने तक की जिम्मेदारी होती है।
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अभी तक एक हज सेवक पर 200 हज यात्रियों की खिदमत की जिम्मेदारी होती थी। हज कमेटी ऑफ इंडिया ने हज यात्रियों को सहूलियत देने के लिये एक हज सेवक पर सिर्फ 150 हज यात्री की खिदमत की जिम्मेदारी तय की थी। लेकिन नई पॉलिसी बनने के बाद इस साल एक हज सेवक पर 300 हज यात्रियों की जिम्मेदारी तय की गई है। प्रदेश से इस बार करीब 26,786 हज यात्रियों ने आवेदन किए हैं। सभी हज यात्रियों के चयन की स्थिति में लगभग 90 हज सेवकों का चयन किया जाएगा। नए नियम के तहत इन हज सेवकों में भी 33 फीसदी संख्या कम कर दी जाएगी। (संवाद)
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50 वर्ष के ऊपर के लोग नहीं कर सकेंगे आवेदन
हज सेवक बनने के लिए 50 साल से ऊपर की महिला व पुरुष आवेदन नहीं कर सकेंगे। बीते साल तक 58 वर्ष आयु तक के सरकारी, सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों, निगमों और निकायों के पुरुष व महिला कर्मचारियाें की आवेदन की छूट थी। राज्य हज कमेटी के सचिव एसपी तिवारी ने बताया कि 10 अप्रैल तक केवल स्थाई सरकारी कर्मचारी हज कमेटी की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
केंद्र व राज्य सरकार के क्लास-ए अधिकारी भी आवेदन के पात्र नही होंगे। साल 2022 में खादिमुल हुज्जाज में जा चुके और दो बार से अधिक बार हज सेवक बन चुके कर्मचारी आवेदन नहीं कर सकेंगे। दूसरी ओर, प्रदेश से जाने वाले कुल हज सेवकों में 15 फीसदी अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, राज्य हज कमेटी, मुस्लिम वक्फ बोर्ड के कर्मचारियों को भेजा जाता था। इन विभागों के कर्मचारी भी हज सेवक के लिये आवेदन नहीं कर सकेंगे।