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स्वच्छता सर्वेक्षण : लखनऊ को फिर देश में 12वां स्थान

Sun, 21 Nov 2021 02:06 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 21 Nov 2021 02:06 AM IST
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Lucknow got 12th place in cleanliness survey
पुरस्कार के साथ स्वच्छ भारत मिशन के प्रभारी डॉ. अरविंद राव, नगर आयुक्त अजय द्विवेदी और महापौर संय? - फोटो : ??? ?????
स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में अपने शहर को एक बार फिर देश में 12वां स्थान मिला है। वर्ष 2020 में भी लखनऊ की यही रैंकिंग आई थी। उधर, इस बार देश के टॉप 12 शहरों की सूची में उत्तर प्रदेश से सिर्फ लखनऊ ही जगह बना पाने में कामयाब हुआ है।
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इसके साथ सर्वेक्षण प्रतियोगिता में शहर को दो अवॉर्ड भी मिले हैं। इसमें एक बेस्ट स्टेट कैपिटल सिटी सिटीजन इन फीडबैक पुरस्कार है तो दूसरा अवॉर्ड गार्बेज फ्री सिटी में थ्री स्टार रेटिंग का मिला है।
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शनिवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति ने इन पुरस्कारों की घोषणा की। उसके बाद केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के कैबिनेट मंत्री हरदीप पुरी व केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर ने महापौर संयुक्ता भटिया, नगर आयुक्त अजय द्विवेदी और स्वच्छ भारत मिशन के प्रभारी डॉ. अरविंद राव को पुरस्कार दिए।
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स्वच्छ सर्वेक्षण प्रतियोगिता में देशभर के छोटे-बड़े 4320 शहर शामिल थे। इनमें लखनऊ को सफाई व्यवस्था में 12वां स्थान मिला है। इस साल नगर निगम ने सफाई में तो कोई छलांग तो नहीं लगाई, लेकिन गार्बेज फ्री सिटी की प्रतियोगिता में थ्री स्टार रेटिंग पाकर दो पायदान की छलांग लगाई है।
पिछले साल एक स्टार ही मिला था। स्वच्छता सर्वेक्षण में इस बार भी इंदौर पहले नंबर पर रहा है। उधर, लखनऊ के अलावा प्रदेश का कोई भी शहर स्वच्छता सर्वेक्षण की टॉप 12 सूची में स्थान नहीं बना सका।
बीते साल की तुलना में लखनऊ नगर निगम को एक पुरस्कार अधिक मिला है। बीते साल नगर स्वच्छता में सुधार को तेजी से बढ़ते शहर पुरस्कार मिला था, क्योंकि नगर निगम ने 109 पायदानों की छलांग लगाकर 121वें पायदान से 12वें पायदान पर जगह बनाई थी। बीते साल भी स्वच्छ सर्वेक्षण प्रतियोगिता छह हजार नंबर की थी और इस बार भी उतने ही नंबर की थी।
कब क्या रही रैंकिंग
वर्ष रैंक
2020 12वीं
2019 121वीं
2018 115वीं
2017 269 वीं
किस काम के मिले कितने नंबर
- म्यूनिसिपल डाक्यूमेंटशन : 1800 में 1100
- सिटीजन फीडबैक : 1800 में 1549
- सर्विस लेवल प्रोग्रेस : 2400 में 1936
कोट
पहले से कठिन प्रतियोगिता थी। कोरोना काल में सीमित संसाधन व कचरा प्रबंधन कंपनी की ढिलाई के बाद भी पूरे देश में फिर 12वां और प्रदेश में पहला स्थान मिला है। ऐसा नगर निगम परिवार की मेहनत व शहरवासियों के सहयोग से संभव हुआ है। शहर को नंबर वन बनाने तक प्रयास जारी रहेगा।
- संयुक्ता भाटिया, महापौर
कोट
पहले की तुलना में अब शहर का दायरा काफी बढ़ गया है। नए 88 गांव भी शामिल हो गए है, लेकिन अभी संसाधन उतने ही हैं। इसके बाद भी शहर देश में 12वां स्थान फिर मिला है। दो पुरस्कार भी नगर निगम को स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत ही मिले हैं। ऐसे में पहले साल की तुलना में नगर निगम को उपलब्धि मिली है।
- अजय द्विवेदी, नगर आयुक्त
--
कोट
गार्बेज फ्री सिटी की रेटिंग में इस बार शहर को तीन स्टार मिले हैं। पिछले साल एक स्टार ही मिला था। इस उपलब्धि के लिए शहर में खुले कूड़ा घर समाप्त किए गए। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए गाड़ियां बढ़ाई गईं। इससे कवरेज एरिया बढ़ा और शहर को ग्रार्बेज फ्री रेटिंग में थ्री स्टार मिले।
- डॉ. अरविंद राव, प्रभारी स्वच्छ भारत मिशन
थोड़ी सी चूक से टॉप फाइव से फिसल गए हम
गार्बेज फ्री सिटी में फाइव स्टार रेटिंग मिल जाती और एसटीपी से निकलने वाले ट्रीटेड वाटर उपयोग व सफाई सुरक्षा चैलेंज में नगर निगम और काम कर लेता तो अपना शहर देश के टॉप फाइव शहरों में स्थान पा सकता था। ये वो काम थे जिन्हें नगर निगम प्रशासन पूरा कर सकता था, लेकिन कोरोना संकट के चलते नगर निगम ये काम समय से पूरा करने में चूक गया।
स्वच्छ सर्वेक्षण प्रतियोगिता में टॉप फाइव में पूना शहर है, जिसे 6000 अंकों की प्रतियोगिता में 4900 अंक मिले हैं। वहीं, 12वें स्थान पर आने वाले अपने शहर को 4586 अंक मिले हैं। ये अंक और बढ़ सकते थे यदि नगर निगम को गार्बेज फ्री रेटिंग थ्री के बजाय फाइव स्टार आती। इससे 200 अंक और मिलते। इसी तरह एसटीपी से ट्रीटेड वाटर के उपयोग को लेकर नगर निगम अपना दावा ही नहीं कर पाया, जबकि एशिया का सबसे बड़ा 345 एलएलडी का एसटीपी अपने शहर में है और ट्रीटेड वाटर का उपयोग भी छिड़काव आदि के काम में हो रहा है। यह दावा होता तो 200 अंक वाटर प्लस-प्लस के तहत मिलते। इसी तरह सफाई सुरक्षा चैलेंज में नगर निगम पिछड़ गया। इसमें सफाई कर्मियों को जागरूक करने, सुरक्षा किट देने और आर्थिक जरूरत के लिए ऋण उपलब्ध कराने में पिछड़ा। इससे नगर निगम को 350 नंबर नहीं मिले। ये काम हो जाते तो हम टॉप फाइव में होते। नगर आयुक्त अजय द्विवेदी ने कहा कि इस बार जो कमियां रह गई हैं, उन्हें दूर किया जाएगा। सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए संसाधन बढ़ाने के साथ निगरानी भी बढ़ाई गई है।

रक्षा मंत्री ने जताई खुशी
स्वच्छता सर्वेक्षण में लखनऊ के प्रदेश में पहले स्थान पर आने पर राजधानी के सांसद और देश के रक्षा मंत्री ने खुशी जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्हें खुशी है कि स्वच्छ भारत मिशन द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 की जारी रैंकिंग में लखनऊ पूरे उत्तर प्रदेश में पहले स्थान पर है। निश्चित रूप से यह लखनऊ वासियों के लिए बड़ी उपलब्धि है। इसके लिए उन्होंने महापौर संयुक्ता भाटिया और उनकी टीम को बधाई दी।
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