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Lucknow : आईएसआई को सूचना भेजने के अपराध में पांच साल की सजा, सेना से निकाला गया था आरोपी
Thu, 29 Aug 2024 12:32 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 29 Aug 2024 12:32 AM IST
सार
भारतीय सेना के गोपनीय, प्रतिबंधित दस्तावेज तथा आंकड़े पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को भेजने के आरोपी सौरभ शर्मा को दोषी ठहराते हुए एनआईए के विशेष न्यायाधीश विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने पांच साल की कठोर कैद और 22 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
विस्तार
भारतीय सेना के गोपनीय, प्रतिबंधित दस्तावेज तथा आंकड़े पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को भेजने के आरोपी सौरभ शर्मा को दोषी ठहराते हुए एनआईए के विशेष न्यायाधीश विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने पांच साल की कठोर कैद और 22 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
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कोर्ट में एनआईए के विशेष लोक अभियोजक एमके सिंह का तर्क था कि सौरभ शर्मा ने भारतीय सेना में रहते हुए गोपनीय प्रतिबंधित दस्तावेज एवं वर्गीकृत आंकड़े पाकिस्तान आधारित आईएसआई गुप्तचर एजेंसी की एजेंट कथित नेहा शर्मा के साथ साझा किया था। सौरभ शर्मा एवं उसकी पत्नी पूजा सिंह के खाते में विदेशों से हजारों रुपये भेजे गए हैं। यह भी कहा गया कि सौरव शर्मा की पत्नी पूजा सिंह के खाते में अनस याकूब गिटैली द्वारा 4000 रुपये भेजे गए हैं।
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इस मामले में एटीएस उत्तर प्रदेश को सूचना प्राप्त हुई थी कि कुछ अज्ञात पाकिस्तानी खुफिया विभाग के अधिकारियों द्वारा षड्यंत्र के तहत कुछ नाम धारी व्यक्तियों के माध्यम से भारतीय सेना के कर्मचारियों को बहला-फुसलाकर एवं धन का लालच देकर विभिन्न माध्यमों से धन भेजकर भारतीय सेना से संबंधित गोपनीय दस्तावेज प्राप्त किए जा रहे हैं।
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इस सूचना की जांच में हापुड़ निवासी सौरभ शर्मा का नाम सामने आया, जो पहले भारतीय सेना में था और उसे चिकित्सीय आधार पर सेना से निकल दिया गया था। सौरभ को एटीएस ने 8 जनवरी 2021 को गिरफ्तार किया था और एटीएस के इंस्पेक्टर राजीव त्यागी ने उसी दिन एटीएस थाना गोमतीनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में केंद्र सरकार ने 4 फरवरी को मामले की गंभीरता को देखते हुए विवेचना एनआईए को सौंप दी थी।