{"_id":"6adf347f1a95951c9106e6da","slug":"lucknow-encroachment-on-land-meant-for-a-park-and-a-community-toilet-no-action-taken-despite-complaints-2026-10-26","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"लखनऊ: सीएम ग्रिड योजना का मकसद अधूरा, अतिक्रमण लगा रहा योजना पर दाग, करोड़ों खर्च के बाद हाल बदतर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लखनऊ: सीएम ग्रिड योजना का मकसद अधूरा, अतिक्रमण लगा रहा योजना पर दाग, करोड़ों खर्च के बाद हाल बदतर
Mon, 26 Oct 2026 04:39 PM IST
Akash Dwivedi
डिजिटल डेस्क, लखनऊ
डिजिटल डेस्क, लखनऊ
Published by: Akash Dwivedi
Updated Mon, 26 Oct 2026 04:39 PM IST
सार
ऐसे में सिर्फ सड़क नई दिख रही है बाकी जो फुटपाथ लोगों के चलने के लिए संवारा गया वह सिर्फ ठेले-गुमटी वालों का ही स्थायी कब्जा बनकर रह गया है। यह तब है जबकि योजना में शामिल सड़कों को लेकर शासन का यह साफ आदेश है कि यह नो-वेडिंग जोन रहेंगे। यानी इन पर कोई ठेला-गुमटी या दुकान नहीं लगेगी। ऐसे में पूरी योजना फेल साबित हो रही है।
विज्ञापन
फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पैदल चलने वालों को सहूलियत और आवागमन को आसान बनाने के जिस मकसद के साथ सीएम ग्रिड में बनाई जा रही सड़कों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं वह पूरा होता नहीं दिख रहा है। योजना में शामिल सड़कों के फुटपाथ और सड़कों पर उसी तरह कब्जे हैं जैसे पहले थे। अमर उजाला ने सोमवार को योजना में शामिल सड़कों की पड़ताल की तो अतिक्रमण और आवागमन में झंझट के हाल वैसे ही दिखे जैसे पहले थे।
विज्ञापन
सीएम ग्रिड योजना में सड़कों को नए सिरे से संवारा जा रहा है। जिसमें सबसे अधिक इस बात पर दिया गया है कि पैदल चलने वालों को सहूलियत रहे। इसी के लिए फुटपाथ को तोड़कर नए सिरे से बनाया गया है। उनको ऊंचा भी किया गया है। लोगों के बैठने के लिए बेंच भी लगाई गई हैं मगर यह सब बेकार साबित हो रहा है क्योंकि फुटपाथ पर ठेले-खोमचे वालों का कब्जा है। पूरा बाजार उन्हीं पर लग रहा है और उसके बाद सड़क पर गाड़ियां खड़ी हो रही हैं।
विज्ञापन
ऐसे में सिर्फ सड़क नई दिख रही है बाकी जो फुटपाथ लोगों के चलने के लिए संवारा गया वह सिर्फ ठेले-गुमटी वालों का ही स्थायी कब्जा बनकर रह गया है। यह तब है जबकि योजना में शामिल सड़कों को लेकर शासन का यह साफ आदेश है कि यह नो-वेडिंग जोन रहेंगे। यानी इन पर कोई ठेला-गुमटी या दुकान नहीं लगेगी। ऐसे में पूरी योजना फेल साबित हो रही है।
विज्ञापन