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Lucknow Building Collapse: ...तो इसलिए काल के गाल में समाने से बचीं 14 जिंदगियां

Thu, 26 Jan 2023 09:23 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Thu, 26 Jan 2023 09:23 AM IST
सार

एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीम के साथ ट्रैकर डॉग भी थे। इनके जरिए यह ट्रेस करने का प्रयास किया गया कि लोग मलबे में कहां-कहां फंसे हैं। ट्रैकर डॉग की मदद से तीन से चार लोगों को ट्रेस कर निकाला गया।

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Lucknow building collapse this is how 14 lives save else 14 people have died
लखनऊ इमारत हादसा - फोटो : कुलदीप

विस्तार

पांच मंजिला अलाया अपार्टमेंट के मलबे से 14 लोगों को सुरक्षित निकाल पाने के पीछे कई बड़ी वजहें हैं। इमारत जब ढही तो एक तरफ झुक गई। पिलर की वजह से मलबे के भीतर गैप बन गए, जहां ये लोग फंसे थे। ऐसे में रेस्क्यू टीमों को इन्हें ट्रेस करने में देरी नहीं हुई। हालांकि, दो महिलाओं को नहीं बचाया जा सका। इनके ऊपर सीधे मलबा गिरा था।

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जिस तरह से इमारत का मलबा दिख रहा था, उससे जनहानि की उम्मीद बहुत अधिक थी। हालांकि, 14 लोगों की जान बचा ली गई। एनडीआरएफ के कमांडेंट एमके शर्मा ने बताया कि इमारत ढही तो नीचे से एक साथ भरभराकर नहीं बैठी।

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एक एंगल पर तिरछी हुई। उसी दिशा में पूरी इमरात ढही। पिलर की वजह से बीच-बीच में गैप बन गए। अधिकतर लोग इन्हीं गैप में रहे। रेस्क्यू शुरू किया तो भीतर फंसे लोगों की चीखें सुनाई दे रही थीं। इसी आधार पर छत तोड़ी गईं और एक-एक कर सभी को निकाला गया।

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सबसे पहले नक्शे का लगाया पता

कमांडेंट के मुताबिक सबसे पहले पता किया गया कि इमारत का नक्शा क्या है। फिर जो घायल निकले, उनसे पूछा गया कि उनके साथ के लोग हादसे के वक्त कहां-कहां पर थे। अंदाजा लगाया गया कि शाम का वक्त है तो लोगों के किचन या कमरे में होने की संभावना ज्यादा होगी। ऐसे में सबसे पहले कमरे व किचन की छत में ड्रिलिंग की गई। अधिकतर लोग यहीं पर मिले।

ट्रैकर डॉग भी मददगार साबित हुआ

एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीम के साथ ट्रैकर डॉग भी थे। इनके जरिए यह ट्रेस करने का प्रयास किया गया कि लोग मलबे में कहां-कहां फंसे हैं। ट्रैकर डॉग की मदद से तीन से चार लोगों को ट्रेस कर निकाला गया।
 

अलाया अपार्टमेंट हादसा एक नजर में

  • 5 मंजिला था अलाया अपार्टमेंट
  • 12 फ्लैट व एक पेंटहाउस था अपार्टमेंट में
  • 8 परिवार कुल रहते थे अपार्टमेंट में
  • 16 लोग दबे थे मलबे में, 14 सुरक्षित निकाले गए, 2 महिलाओं की जान गई
  • 7 घायलों को अस्पताल से मिली छुट्टी, 7 का इलाज जारी, डॉक्टरों के मुताबिक गंभीर कोई नहीं
  • 3 बिल्डरों पर पुलिस ने दर्ज कराया केस हजरतगंज थाने में
  • 1 आरोपी सपा के पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर का बेटा नवाजिश शाहिद जेल भेजा गया
  • 2 नामजद आरोपी मो. तारिक व फाहद याजदानी फरार हैं
  • 700 के करीब जवानों ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन, इनमें एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, दमकलकर्मी व पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन किया
  • 48 घंटे लग सकते हैं अपार्टमेंट का मलबा हटाने में
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