लखनऊ : श्मशान पहुंचे 182 शव, भैंसाकुंड पर फोटो खींचने या वीडियो बनाने से रोकने के लिए की घेराबंदी
लखनऊ में बृहस्पतिवार को भी गुलाला घाट और भैंसाकुंड बैकुंठ धाम पर कुल 182 शव अंतिम संस्कार के लिए लाए गए। इसमें 30 फीसदी से ज्यादा शव संक्रमित बताए गए। वहीं बुधवार को बड़ी संख्या में चिताओं के जलने की फोटो व वीडियो वायरल होने के बाद नगर निगम ने भैंसाकुंड पर टिनशेड से घेराबंदी करा दी गई।
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लखनऊ में कोरोना संक्रमण के बीच मौतों का सिलसिला जारी है। बृहस्पतिवार को भी गुलाला घाट और भैंसाकुंड बैकुंठ धाम पर कुल 182 शव अंतिम संस्कार के लिए लाए गए। इसमें 30 फीसदी से ज्यादा शव संक्रमित बताए गए।
वहीं बुधवार को बड़ी संख्या में चिताओं के जलने की फोटो व वीडियो वायरल होने के बाद नगर निगम ने भैंसाकुंड पर टिनशेड से घेराबंदी करा दी। आरोप है कि फोटो या वीडियो बनने से रोकने के लिए ऐसा किया गया। हालांकि, नगर आयुक्त अजय कुमार द्विवेदी का कहना है कि लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए कुछ भाग में ही घेराबंदी की गई है।
बृहस्पतिवार को सुबह से ही घेराबंदी का काम शुरू हो गया था। अंत्येष्टि स्थल के सामने की बंधा रोड की तरफ और अंदर भी संक्रमित शवों के लकड़ी से हो रहे अंतिम संस्कार की तरफ घेराबंदी की गई है। नगर आयुक्त का कहना है कि अंदर लोग सामान्य अंत्येष्टि स्थल की तरफ से संक्रमित शवों के लिए तय जगह में पूर्व में बल्लियों की बेरीकेडिंग फांद कर आ जा रहे थे।
वहां आवाजाही सीमित करने के लिए घेराबंदी कराई गई है। वहीं बंधा रोड के दूसरी तरफ आबादी है। ऐसे में उधर राख या दूसरे माध्यम से संक्रमण के जाने से रोकने के लिए घेराबंदी हुई है। बृहस्पतिवार को भैंसाकुंड पर अंतिम संस्कार के समय एक शेड में आग लग गई। इसे कर्मचारियों ने बुझाया।