{"_id":"69f5762b397abc0690092f23","slug":"lu-several-serious-allegations-including-misconduct-towards-a-female-employee-administration-takes-strict-a-2026-05-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"लविवि: महिलाकर्मी से दुर्व्यवहार समेत कई गंभीर आरोप, प्रशासन ने लिया सख्त एक्शन; पांच छात्र किए गए निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लविवि: महिलाकर्मी से दुर्व्यवहार समेत कई गंभीर आरोप, प्रशासन ने लिया सख्त एक्शन; पांच छात्र किए गए निलंबित
Sat, 02 May 2026 09:28 AM IST
Akash Dwivedi
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: Akash Dwivedi
Updated Sat, 02 May 2026 09:28 AM IST
सार
लखनऊ विश्वविद्यालय में महिला कर्मचारी से दुर्व्यवहार और हंगामे के मामले में पांच छात्रों को निलंबित किया गया है। छात्रों पर अनधिकृत प्रवेश, अभद्रता और प्रशासनिक कार्य में बाधा के आरोप हैं। जांच पूरी होने तक उन्हें परिसर और छात्रावास से दूर रखा गया है तथा स्पष्टीकरण मांगा गया है।
विज्ञापन
लविवि
विस्तार
लखनऊ विश्वविद्यालय में महिला कर्मचारी से दुर्व्यवहार समेत कई गंभीर आरोपों के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए पांच छात्रों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई 17 अप्रैल को गंगा महिला छात्रावास में हुई घटना और 28 अप्रैल को कुलपति कार्यालय में हुए हंगामे को ध्यान में रखते हुए की गई है।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, 17 अप्रैल को सीतापुर रोड स्थित द्वितीय परिसर के गंगा महिला छात्रावास में कुछ छात्रों ने अनाधिकृत प्रवेश इस दौरान प्रशासनिक कार्यों में बाधा डालने, विश्वविद्यालय की गरिमा को ठेस पहुंचाने और एक महिला कर्मचारी के साथ अनुचित व्यवहार व आपत्तिजनक स्पर्श जैसे गंभीर आरोप सामने आए।
विज्ञापन
इसके अतिरिक्त, 28 अप्रैल को मुख्य परिसर में बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन, कुलपति कक्ष में जबरन प्रवेश का प्रयास, कुलपति आवास की ओर जाते समय रास्ता रोकने, वाहन को नुकसान पहुंचाने की कोशिश और अधिकारियों के साथ अभद्रता के आरोप भी लगाए गए हैं।
विज्ञापन
निलंबित छात्रों में प्रेम प्रकाश यादव (एमए हिंदी प्रथम वर्ष), प्रसन्न शुक्ला (एमए एआईएच प्रथम वर्ष), शशि प्रकाश (एमए लोक प्रशासन प्रथम वर्ष), हर्षित शुक्ला (एलएलबी त्रिवर्षीय पाठ्यक्रम द्वितीय सेमेस्टर) और रूपेंद्र बहादुर सिंह (एमए कॉम्पोजिट हिस्ट्री प्रथम वर्ष) शामिल हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी छात्रों को तीन कार्य दिवस के भीतर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। जांच अवधि के दौरान उन्हें परिसर, छात्रावास और अन्य विश्वविद्यालय सुविधाओं से वंचित कर दिया गया है।