{"_id":"5a6eb9474f1c1b93268b7095","slug":"lu-can-take-action-on-14-colleges","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"लखनऊ यूनिवर्सिटी 14 कॉलेजों में दाखिले पर लगा सकती है रोक, ये है वजह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लखनऊ यूनिवर्सिटी 14 कॉलेजों में दाखिले पर लगा सकती है रोक, ये है वजह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 29 Jan 2018 11:34 AM IST
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लखनऊ विश्वविद्यालय से सहयुक्त डिग्री कॉलेज विवि का निर्देश मानने को तैयार नहीं हैं। कुलपति द्वारा 24 घंटे का अल्टीमेटम मिलने के बावजूद कॉलेजों ने शिक्षक अनुमोदन, स्टूडेंट और कोर्स आदि का ब्योरा नहीं दिया। लविवि कुलपति प्रो. एसपी सिंह ने 24 जनवरी को हुई बैठक में 27 कॉलेजों को 24 घंटे के अंदर सूचनाएं देने का अल्टीमेटम दिया था।
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इसके बाद कई दिन बीत गए, लेकिन अभी तक 14 कॉलेजों ने ब्योरा नहीं दिया। विवि प्रशासन ने सोमवार को इन कालेजों को दोबारा नोटिस जारी करने की बात कही है। जवाब न मिलने पर इन कॉलेजों में बीएड की सीट कम करने तथा दाखिलों पर रोक लगाने की कार्रवाई की जाएगी।
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लविवि सहयुक्त कॉलेजों से पिछले काफी समय से निर्धारित प्रारूप में सूचनाएं मांगने के साथ इन्हें वेबसाइट पर अपलोड करने को भी कह रहा है। इस ब्योरे में- कॉलेज का नाम, संचालित पाठ्यक्रम, निर्धारित सीट, पिछले तीन साल में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों की सत्रवार संख्या, प्रथम सहयुक्तता का सत्र, सहयुक्तता स्थिति-स्थायी या अस्थायी सहयुक्तता, महाविद्यालय की वेबसाइट, ईमेल आईडी, प्राचार्य और शिक्षकों के नाम, प्राचार्य और शिक्षकों के अनुमोदन की स्थिति, प्राचार्य और शिक्षकों के मोबाइल नंबर, प्राचार्य और शिक्षकों की अनुमोदन पत्र संख्या, प्राचार्य और शिक्षकों के फोटोग्राफ, प्राचार्य और शिक्षकों का ब्योरा कॉलेज की वेबसाइट पर होने तथा नैक मूल्यांकन की स्थिति की सूचनाएं हैं।
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कई बार नोटिस के बावजूद जब सूचनाएं नहीं आईं तो लविवि कुलपति ने 24 जनवरी को बीएड और वित्तविहीन पाठ्यक्रम चलाने वाले 54 कॉलेजों की बैठक बुलाई थी। इसमें से 27 कालेजों ने सूचना दे दी थीं। बाकी 27 को 24 घंटे में सूचना देकर अपनी वेबसाइट पर अपलोड करने को कहा गया था। बैठक में न आने वाले पांच कॉलेजों को मान्यता समाप्त करने का नोटिस भी जारी करने की बात कही गई थी।
निशाने पर बीएड कॉलेज
लखनऊ विश्वविद्यालय को इस साल भी बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा आयोजन की जिम्मेदारी मिली है। जिन 14 कॉलेजों ने सूचनाएं नहीं दी हैं वे सभी बीएड पाठ्यक्रम संचालित कर रहे हैं। लविवि ने सूचनाएं अपडेट न करने पर इन्हीं को टारगेट करने का लक्ष्य रखा है। विवि के डीन कॉलेज डवलपमेंट काउंसिल प्रो. आरआर यादव ने कहा है कि सूचनाएं अपलोड न करने पर इन कॉलेजों की बीएड की सीट कम करने तथा दाखिले पर रोक लगाने की कार्रवाई की जाएगी।
इसलिए छिपाई जा रहीं सूचनाएं
विवि द्वारा बार-बार नोटिस जारी करने के बावजूद सूचनाएं अपडेट न करने के पीछे मुख्य कॉलेजों का फर्जीवाड़ा है। असल में कॉलेज संचालक गैर-अनुमोदित शिक्षकों से पढ़वाने, शिक्षकों को कम वेतन देने, नैक की ग्रेडिंग न कराने समेत कई फर्जीवाड़े करते हैं। वेबसाइट पर इनका ब्योरा अपलोड करने पर उनका खेल खुल सकता है। इसलिए वे लगातार इससे बच रहे हैं।
फिर देंगे नोटिस
कॉलेज डेवपलमेंट काउंसिल के डीन प्रो. आरआर यादव ने कहा कि कुलपति के अल्टीमेटम के बावजूद कई कॉलेजों ने न ब्योरा ब्यौरा दिया है न अपनी वेबसाइट पर अपलोड किया है। जिन कॉलेजों ने अभी तक ब्योरा अपलोड नहीं किया है, उन्हें सोमवार को उन्हें दूसरा नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद बीएड की सीट कम करने तथा दाखिले रोकने की कार्रवाई की जाएगी।
इसलिए छिपाई जा रहीं सूचनाएं
विवि द्वारा बार-बार नोटिस जारी करने के बावजूद सूचनाएं अपडेट न करने के पीछे मुख्य कॉलेजों का फर्जीवाड़ा है। असल में कॉलेज संचालक गैर-अनुमोदित शिक्षकों से पढ़वाने, शिक्षकों को कम वेतन देने, नैक की ग्रेडिंग न कराने समेत कई फर्जीवाड़े करते हैं। वेबसाइट पर इनका ब्योरा अपलोड करने पर उनका खेल खुल सकता है। इसलिए वे लगातार इससे बच रहे हैं।
फिर देंगे नोटिस
कॉलेज डेवपलमेंट काउंसिल के डीन प्रो. आरआर यादव ने कहा कि कुलपति के अल्टीमेटम के बावजूद कई कॉलेजों ने न ब्योरा ब्यौरा दिया है न अपनी वेबसाइट पर अपलोड किया है। जिन कॉलेजों ने अभी तक ब्योरा अपलोड नहीं किया है, उन्हें सोमवार को उन्हें दूसरा नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद बीएड की सीट कम करने तथा दाखिले रोकने की कार्रवाई की जाएगी।