{"_id":"9cec2d29f9b68f2e4c342b616ab3a6fe","slug":"lpg-quota-lapse-after-31st-march","type":"story","status":"publish","title_hn":"31के बाद नहीं मिलेंगे कोटे के बचे सिलेंडर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
31के बाद नहीं मिलेंगे कोटे के बचे सिलेंडर
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 21 Mar 2014 07:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सब्सिडी कोटे के बचे हुए रियायती दर के घरेलू सिलेंडरों को 31 मार्च से पहले पाने की होड़ ने एक बार फिर घरेलू एलपीजी की वेटिंग बढ़ा दी है।
विज्ञापन
एलपीजी उपभोक्ता अपने हिस्से के सब्सिडी कोटे के निर्धारित 11 सिलेंडरों की बची हुई संख्या का फायदा 31 मार्च तक ही उठा सकते हैं।
इसके बाद उपभोक्ताओं के कोटे का सिलेंडर लैप्स माना जाएगा। बुकिंग कराने वाले घरेलू गैस उपभोक्ताओं की दो गुनी हुई संख्या ने एक बार फिर होम डिलीवरी की वेटिंग लम्बी कर दी है।
विज्ञापन
इसके चलते ही गैस एजेंसियों पर बुक कराए गए सिलेंडरों के वितरण का बैंकलॉग फिर से सात से आठ दिन के बीच पहुंच गया है।
तेल कंपनियों ने साफ किया कि वित्तीय वर्ष के साथ उपभोक्ताओं के खत्म हो रहेवर्तमान कोटे के सिलेंडरों में डिलीवरी डेट 31 मार्च तक होना अनिवार्य है, इसमें सिलेंडर बुक कराने की तिथि कोई मायने नहीं रखेगी।
विज्ञापन
सब्सिडी सिलेंडरों के वितरण में इस सख्ती का खामियाजा उन उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ेगा जिन्हें वर्तमान में लंबी हो रही बुकिंग वेटिंग के कारण 31 मार्च तक कोटे का बचा हुआ रियायती दर का सिलेंडर नहीं मिल पाएगा।
घरेलू सिलेंडरों की डिलीवरी की लंबी होती वेटिंग सेे फिर से वितरण में लेटलतीफी होने लगी है। इसका सीधा खामियाजा दस मार्च के बाद गैस बुक कराने वाले उपभोक्ताओं को झेलना पड़ रहा है।
दूसरी तरफ यूपी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष डीपी सिंह गैस एजेंसियों के स्तर पर वितरण में जानबूझकर लेटलतीफी किए जाने के आरोप को गलत बताते हैं।
उनका कहना है कि सब्सिडी व नॉन सब्सिडीयुक्त सिलेंडरों की डिलीवरी से एजेंसियों को एक समान कमीशन ही मिलता है।
एजेंसियां तेल कंपनियों द्वारा वितरण के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले सिलेंडरों की संख्या के आधार पर ही उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी पहुंचाती है।
31 मार्च के बाद नए वित्तीय वर्ष का कोटा
घरेलू एलपीजी वितरण के तहत 31 मार्च को खत्म हो रहे वित्तीय वर्ष के लिए एलपीजी उपभोक्ताओं का 11 सब्सिडी सिलेंडरों का कोटा तय है।
जो उपभोक्ता अपने कोटे के बचे हुए सिलेंडर 31 मार्च तक नहीं ले पाएगा उन्हें एक अप्रैल से नए वित्तीय वर्ष में आवंटित 12 सब्सिडीयुक्त सिलेंडर के कोटे के आधार पर बुकिंग का सिलेंडर वितरित होगा।
वर्तमान वित्तीय वर्ष के बचे हुए सब्सिडी सिलेंडर अगले वर्ष में समायोजित नहीं होंगे क्योंकि वितरण सिस्टम से जुड़ा सॉफ्टवेयर इसे स्वीकार नहीं करेगा।
डमी बुकिंग की आड़ में सब्सिडी का खेल
दस दिन बाद खत्म हो रहे वर्तमान वित्तीय वर्ष के सब्सिडी कोटे के सिलेंडरों की मियाद ने शहर के कई इलाकों में डमी बुकिंग का खेल भी शुरू कर दिया है।
जानकार बताते हैं कि कुछ गैस एजेंसियों के कर्मचारियों की मिलीभगत से डमी बुकिंग की आड़ में सब्सिडी सिलेंडरों को प्राप्त कर उन्हें फ्री सेल की दर पर बेच कमाई शुरू हो गई है।
इस खेल में ऐसे उपभोक्ताओं के नंबरों को माध्यम बनाया जा रहा है जिनके कोटे में सस्ती दर वाले सिलेंडर अभी बचे हुए हैं।
डमी बुकिंग के नाम पर रियायती दर के इन सिलेंडरों को 435 रुपया में प्राप्त कर फ्री सेल सिलेंडर की दर 1142 रुपए से कुछ कम की कीमत पर दुकानदारों को देकर मुनाफा कमाया जा रहा है।
सब्सिडी कोटा बंटवाने की होगी निगरानी
वर्तमान वित्तीय वर्ष में आवंटित सब्सिडी सिलेंडरों के बचे हुए कोटे का वितरण 31 मार्च तक पारदर्शिता के आधार पर कराने को तेल कंपनियां अब सख्ती बरतेंगी।
इस बाबत तीनों ही तेल कंपनियों ने संबद्ध गैस एजेंसियों को निर्देशित किया है कि किसी भी उपभोक्ता के सब्सिडी कोटे के बचे हुए सिलेंडर के वितरण में बिना कारण ढिलाई न बरती जाए।
इसके लिए तेल कंपनियां अपने स्तर से गैस एजेंसियों के साथ ही डमी बुकिंग की आड़ में कोटे के बचे रियायती दर को प्राप्त कर फ्री सेल की दर पर बेचने वाले उपभोक्ताओं पर भी क्षेत्रीय पर्यवेक्षकों के माध्यम से नजर रखेंगी।