फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Lowest amount in donation box Of Ram Lalla due to lockdown

लॉकडाउन के कारण रामलला के चढ़ावे में भारी गिरावट, इस पखवाड़े महज इतना चढ़ावा ही आया

Wed, 08 Apr 2020 11:19 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 08 Apr 2020 11:19 AM IST
विज्ञापन
Lowest amount in donation box Of Ram Lalla due to lockdown
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
कोरोना महामारी के चलते संपूर्ण देश में घोषित लॉकडाउन का असर रामलला के चढ़ावे पर भी पड़ा है। रामजन्मभूमि में विराजमान रामलला को इस पखवाड़े में जो चढ़ावे की राशि प्राप्त हुई है, वह अब तक की न्यूनतम राशि है। बीते 28 सालों में ऐसा दूसरी बार हुआ है। 
विज्ञापन

 
विज्ञापन

इसके पहले वर्ष 2002 में शिलादान के दौरान यहां महीनों चले अघोषित कर्फ्यू के दौरान भी ऐसी ही स्थिति आई थी। जब अयोध्या में श्रद्धालुओं के आवागमन पर पूरी तरह से रोक लग गई थी। उस दौरान भी मंदिरों के व्यवस्थापकों को भारी घाटा उठाना पड़ा था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


कोरोना की वैश्विक महामारी के कारण देश भर में घोषित लॉकडाउन के चलते रामनगरी के मठ-मंदिर श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए गए हैं। यही नहीं इस वर्ष रामनगरी का ऐतिहासिक रामनवमी मेला भी कोरोना के कारण नहीं हो सका। 

प्रशासन ने मेले पर रोक लगाते हुए बाहरी श्रद्धालुओं के अयोध्या आगमन पर प्रतिबंध लगा दिया। यही कारण है कि इस पखवाड़े रामजन्मभूमि में विराजमान रामलला को न्यूनतम चढ़ावा ही प्राप्त हुआ।

वह भी यह चढ़ावा तब आ सका जबकि लॉकडाउन के बाद भी रामजन्मभूमि में दर्शन पर कोई रोक नहीं लगाई गई। इसके विपरीत शेष मंदिरों को जिला प्रशासन के निर्देश पर आम श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया। 

इसके चलते इन सभी मंदिरों में आमदनी शून्य हो गई। रामजन्मभूमि में चढ़ावा राशि की गिनती प्रत्येक माह की पांचवीं और 20वीं तारीख को होती है। इस कड़ी में चढ़ावा की गिनती रामजन्मभूमि ट्रस्ट के ट्रस्टी डॉ.अनिल मिश्र की मौजूदगी में भारतीय स्टेट बैंक की अयोध्या शाखा के कर्मचारियों ने मशीन के माध्यम से की, लेकिन चढ़ावे की राशि इतनी कम थी कि मशीन की जरूरत ही नहीं रही। 

फिर भी कोरोना महामारी से सावधानी को लेकर कर्मचारियों ने मैनुअल गिनती से परहेज किया। बताया गया कि चढ़ावे की कुल राशि महज 13 हजार ही थी जबकि इसके पहले पखवाड़े में साढ़े आठ लाख का चढ़ावा रामलला को प्राप्त हुआ था। 

रामजन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास बताते हैं कि राममंदिर का फैसला आने के बाद से ही रामलला के चढ़ावे में भी वृद्धि हुई थी। नौ नवंबर को आए फैसले से पहले रामलला का चढ़ावा औसतन छह लाख मासिक था, जो फैसले के बाद बढ़कर 12 लाख तक पहुंच गया था। लेकिन लॉकडाउन के कारण श्रद्धालुओं के न आने से इस बार रामलला के चढ़ावे में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

फैसला आने के बाद अब तक दस बार हो चुकी है चढ़ावे की गिनती

रामलला का दान पात्र हर 15 दिन के अंतराल पर महीने की पांच तारीख व 20 तारीख को खुलता है। रामलला का दानपात्र फैसला आने के बाद से अब तक आठ बार खोला जा चुका है और हर बार फैसले से पूर्व के मुकाबले लगभग डेढ़ से दोगुनी तक रकम निकली। 

फैसला आने के बाद पहली बार 20 नवंबर को खोले गए दानपात्र से छह लाख से अधिक रुपये निकले थे। पांच दिसंबर को रामलला के दानपात्र से पांच लाख रुपये निकले थे, जबकि इसके बाद के पखवाड़े में 3.24 लाख रुपये निकाले गए। पांच जनवरी को जब दानपात्र खोला गया तब चढ़ावे में फिर वृद्धि दर्ज की गई और इस पखवाड़े में चढ़ावे की राशि छह लाख रुपये तक जा पहुंची। 

20 जनवरी को दानपात्र से पांच लाख रुपये निकले, जबकि पांच फरवरी को चढ़ावे की राशि 4.89 लाख रुपये गिनी गई। 20 फरवरी को एक बार फिर चढ़ावे की राशि 6 लाख को पार कर गई। इस बार पांच मार्च को हुई गिनती में चढ़ावे की राशि में पुन: वृद्धि हुई जोकि सात लाख के पास पहुंच गई है। वहीं 20 मार्च को करीब 8.50 लाख रुपये चढ़ावा आया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed