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लवी को 13 और सान्या को 07 पदक, लविवि ने बाकी बचे 168 मेडल की जारी की सूची
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लखनऊ विश्वविद्यालय ने शुक्रवार को बाकी बचे 168 पदकों की सूची जारी कर दी। इसमें एक बार फिर एमएससी मैथ्स की लवी शुक्ला ने बाजी मारी है। लवी को डॉ. एएन सिंह गोल्ड मेडल समेत 11 मेडल मिले हैं। जबकि पूर्व में उन्हें बेस्ट गर्ल्स स्टूडेंट व पीजी की बेस्ट स्टूडेंट के लिए दो चांसलर सिल्वर मेडल दिए गए थे। इसके साथ ही एमए की छात्रा सान्या गुप्ता को सर श्रीनिवास वर्दाचरयार गोल्ड मेडल समेत सात मेडल प्रस्तावित किए गए हैं।
इसी क्रम में एलएलबी के छात्र अभय द्विवेदी को डॉ. शंकर दयाल शर्मा गोल्ड मेडल समेत सात मेडल, एमएससी की छात्रा सारिका श्रीवास्तव को वार्ड मेमोरियल विद्यांत गोल्ड मेडल समेत छह मेडल, बीए के छात्र मारिया खातून को डॉ. राधा कमल मुखर्जी गोल्ड मेडल समेत चार मेडल, एमएसडब्ल्यू की छात्रा अनामिका बाजपेई को विज्ञान रत्न डॉ. लक्ष्मण प्रसाद गोल्डेन जुबली गोल्ड मेडल समेत चार मेडल, एमए की छात्रा अनुश्री को प्रो. बलजीत सिंह मेमोरियल गोल्ड मेडल समेत चार मेडल, एमए के छात्र अभिषेक सिंह को विश्वंभर नाथ घई मेमोरियल गोल्ड मेडल समेत चार मेडल, एमएससी की छात्रा आकांक्षा गर्ग को बीरबल साहनी मेमोरियल गोल्ड मेडल समेत चार मेडल प्रस्तावित किए गए हैं।
इसके साथ ही बेस्ट स्पोर्ट्स मैन के लिए पायरे मेमोरियल गोल्ड मेडल यश वर्मा, बेस्ट एकेडमिक रिकॉर्ड वाले स्पोर्ट्स मैन के लिए राजा शंकर सहाय मौरावन गोल्ड मेडल श्रेय कुमार को दिया जाएगा। जबकि साम्या बघेल को बेस्ट डीलिट के लिए प्रो. काली प्रसाद मेमोरियल रिसर्च प्राइज व इतिहास विभाग में बेस्ट स्टूडेंट के लिए गोपाल दास मेमोरियल गोल्ड मेडल डॉ. आनंद कुमार त्रिपाठी को प्रस्तावित किया गया है। परीक्षा नियंत्रक प्रो. एएम सक्सेना ने बताया है कि पदकों की प्रस्तावित सूची विवि की वेबसाइट पर जारी कर दी गई है। अगर किसी विद्यार्थी को कोई आपत्ति है तो वह 07 दिसंबर तक इसे परीक्षा विभाग में दर्ज करा सकता है। बता दें कि विवि ने अपने दीक्षांत समारोह में चांसलर, चक्रवर्ती व कुलपति गोल्ड मेडल समेत प्रमुख 15 मेडल ही वितरित किए हैं। अन्य 168 मेडल विभाग स्तर पर बंटने हैं।
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1. सभी बेटियों को मिले उच्च शिक्षा
यह मेरे लिए गर्व का विषय है कि लविवि से मुझे 13 मेडल दिए जा रहे हैं। अक्सर आर्थिक समस्या की वजह से काफी गरीब बच्चों को पढ़ने का अवसर नहीं मिलता है। काफी लड़कियां आज भी शिक्षा, खासकर उच्च शिक्षा से वंचित रह जाती हैं। मैं प्रशासनिक अधिकारी बनकर इनकी बेहतरी के लिए प्रयास करूंगी। पिता संजय शुक्ला बिजनेसमैन और मां सरिता शुक्ला गृहिणी हैं।
- लवी शुक्ला, एमएससी मैथ्स, 13 गोल्ड मेडल
2. पुरातत्वविद बनकर करूंगी काम
मेरी इतिहास में रुचि है, जिसे देखते हुए मैंने इसी क्षेत्र में कॅरियर बनाने का तय किया है। एक पुरातत्वविद बनकर कुछ अच्छा काम करना चाहती हूं। हाल में आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित डिप्लोमा प्रवेश परीक्षा में भी पहला स्थान मिला है। यहां से डिप्लोमा पूरा करने के बाद आगे की तैयारी करूंगी। पिता भगवती प्रसाद गुप्ता बिजनेसमैन हैं, जिन्होंने मुझे हमेशा मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।
- सान्या गुप्ता, एमए प्राचीन इतिहास, 07 गोल्ड मेडल
3. नियमित फोकस रहकर की तैयारी
मैंने नियमित फोकस होकर पढ़ाई की और अपना लक्ष्य प्राप्त किया। इससे पहले एकेटीयू से बीटेक किया और वहां भी गोल्ड मेडल पाया। लविवि में सात प्रतिष्ठित मेडल प्राप्त करना गर्व का अनुभव करा रहा है। साइबर व कारपोरेट लॉ में रुचि है, इसलिए लॉ कर रहा हूं। अभी मध्य प्रदेश से एलएलएम कर रहा हूं और इसी क्षेत्र में आगे जाऊंगा। मेरे आगे बढ़ने में परिवार का बड़ा योगदान है।
- अभय द्विवेदी, एलएलबी थ्री ईयर, 07 गोल्ड मेडल
4. मेहनत का कोई विकल्प नहीं
किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत जरूरी है। इसके बिना कोई भी लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जा सकता है। इसी मेहनत के दम पर मैंने 06 गोल्ड मेडल पाए हैं। मैं गेट की तैयारी कर रही हूं। आगे साइंस के क्षेत्र में कॅरियर बनाकर अपने देश के लिए कुछ करने की इच्छा है। पिता अखिलेश कुमार श्रीवास्तव एलआईसी एजेंट हैं और मुझे आगे बढ़ाने में उन्होंने हमेश सहयोग व मार्गदर्शन किया है।
- सारिका श्रीवास्तव, एमएससी, 06 गोल्ड मेडल
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इसी क्रम में एलएलबी के छात्र अभय द्विवेदी को डॉ. शंकर दयाल शर्मा गोल्ड मेडल समेत सात मेडल, एमएससी की छात्रा सारिका श्रीवास्तव को वार्ड मेमोरियल विद्यांत गोल्ड मेडल समेत छह मेडल, बीए के छात्र मारिया खातून को डॉ. राधा कमल मुखर्जी गोल्ड मेडल समेत चार मेडल, एमएसडब्ल्यू की छात्रा अनामिका बाजपेई को विज्ञान रत्न डॉ. लक्ष्मण प्रसाद गोल्डेन जुबली गोल्ड मेडल समेत चार मेडल, एमए की छात्रा अनुश्री को प्रो. बलजीत सिंह मेमोरियल गोल्ड मेडल समेत चार मेडल, एमए के छात्र अभिषेक सिंह को विश्वंभर नाथ घई मेमोरियल गोल्ड मेडल समेत चार मेडल, एमएससी की छात्रा आकांक्षा गर्ग को बीरबल साहनी मेमोरियल गोल्ड मेडल समेत चार मेडल प्रस्तावित किए गए हैं।
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इसके साथ ही बेस्ट स्पोर्ट्स मैन के लिए पायरे मेमोरियल गोल्ड मेडल यश वर्मा, बेस्ट एकेडमिक रिकॉर्ड वाले स्पोर्ट्स मैन के लिए राजा शंकर सहाय मौरावन गोल्ड मेडल श्रेय कुमार को दिया जाएगा। जबकि साम्या बघेल को बेस्ट डीलिट के लिए प्रो. काली प्रसाद मेमोरियल रिसर्च प्राइज व इतिहास विभाग में बेस्ट स्टूडेंट के लिए गोपाल दास मेमोरियल गोल्ड मेडल डॉ. आनंद कुमार त्रिपाठी को प्रस्तावित किया गया है। परीक्षा नियंत्रक प्रो. एएम सक्सेना ने बताया है कि पदकों की प्रस्तावित सूची विवि की वेबसाइट पर जारी कर दी गई है। अगर किसी विद्यार्थी को कोई आपत्ति है तो वह 07 दिसंबर तक इसे परीक्षा विभाग में दर्ज करा सकता है। बता दें कि विवि ने अपने दीक्षांत समारोह में चांसलर, चक्रवर्ती व कुलपति गोल्ड मेडल समेत प्रमुख 15 मेडल ही वितरित किए हैं। अन्य 168 मेडल विभाग स्तर पर बंटने हैं।
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1. सभी बेटियों को मिले उच्च शिक्षा
यह मेरे लिए गर्व का विषय है कि लविवि से मुझे 13 मेडल दिए जा रहे हैं। अक्सर आर्थिक समस्या की वजह से काफी गरीब बच्चों को पढ़ने का अवसर नहीं मिलता है। काफी लड़कियां आज भी शिक्षा, खासकर उच्च शिक्षा से वंचित रह जाती हैं। मैं प्रशासनिक अधिकारी बनकर इनकी बेहतरी के लिए प्रयास करूंगी। पिता संजय शुक्ला बिजनेसमैन और मां सरिता शुक्ला गृहिणी हैं।
- लवी शुक्ला, एमएससी मैथ्स, 13 गोल्ड मेडल
2. पुरातत्वविद बनकर करूंगी काम
मेरी इतिहास में रुचि है, जिसे देखते हुए मैंने इसी क्षेत्र में कॅरियर बनाने का तय किया है। एक पुरातत्वविद बनकर कुछ अच्छा काम करना चाहती हूं। हाल में आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित डिप्लोमा प्रवेश परीक्षा में भी पहला स्थान मिला है। यहां से डिप्लोमा पूरा करने के बाद आगे की तैयारी करूंगी। पिता भगवती प्रसाद गुप्ता बिजनेसमैन हैं, जिन्होंने मुझे हमेशा मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।
- सान्या गुप्ता, एमए प्राचीन इतिहास, 07 गोल्ड मेडल
3. नियमित फोकस रहकर की तैयारी
मैंने नियमित फोकस होकर पढ़ाई की और अपना लक्ष्य प्राप्त किया। इससे पहले एकेटीयू से बीटेक किया और वहां भी गोल्ड मेडल पाया। लविवि में सात प्रतिष्ठित मेडल प्राप्त करना गर्व का अनुभव करा रहा है। साइबर व कारपोरेट लॉ में रुचि है, इसलिए लॉ कर रहा हूं। अभी मध्य प्रदेश से एलएलएम कर रहा हूं और इसी क्षेत्र में आगे जाऊंगा। मेरे आगे बढ़ने में परिवार का बड़ा योगदान है।
- अभय द्विवेदी, एलएलबी थ्री ईयर, 07 गोल्ड मेडल
4. मेहनत का कोई विकल्प नहीं
किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत जरूरी है। इसके बिना कोई भी लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जा सकता है। इसी मेहनत के दम पर मैंने 06 गोल्ड मेडल पाए हैं। मैं गेट की तैयारी कर रही हूं। आगे साइंस के क्षेत्र में कॅरियर बनाकर अपने देश के लिए कुछ करने की इच्छा है। पिता अखिलेश कुमार श्रीवास्तव एलआईसी एजेंट हैं और मुझे आगे बढ़ाने में उन्होंने हमेश सहयोग व मार्गदर्शन किया है।
- सारिका श्रीवास्तव, एमएससी, 06 गोल्ड मेडल