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सुरंग में दौड़ेगी लखनऊ मेट्रो, जानें कहां होंगे स्टेशन

Sun, 15 Nov 2015 10:00 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 15 Nov 2015 10:00 PM IST
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locations for lucknow metro underground station

एलएमआरसी 50-50 हजार वर्ग फीट क्षेत्रफल में मेट्रो के तीन अंडरग्राउंड स्टेशन बनाएगा। ये स्टेशन हुसैनगंज, सचिवालय और हजरतगंज में बनाए जाएंगे। जमीन में छह मीटर वृत्त की सुरंग में मेट्रो दौड़ेगी।

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जबकि, टनल बोरिंग मशीन इस सुरंग को बनाएगी।

मेट्रो के अंडरग्राउंड टेंडर में ये सारी बातें सामने रखी गई हैं। इस संबंध में टेंडर बिक्री की प्रक्रिया जारी है।
जबकि, इच्छुक कंपनियों के बीच प्री बिड मीटिंग 30 नवंबर को होगी। जनवरी तक की टेंडर प्रक्रिया के बाद एक कंपनी तय कर भूमिगत मेट्रो का सिविल निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। टेंडर प्रक्रिया करीब 1280 करोड़ रुपये की होगी।
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एलएमआरसी ने जो टेंडर ड्राफ्ट किया है, उसके मुताबिक हुसैनगंज, सचिवालय और हजरतगंज में एलआईसी बिल्डिंग के पास तीन मेट्रो स्टेशन बनेंगे।
 
जबकि, चारबाग स्टेशन के बाद केकेसी चौराहे से रैंप के जरिये मेट्रो रेल भूमिगत हो जाएगी। इसके बाद, हजरतगंज स्टेशन के कुछ आगे दोबारा एक रैंप बनेगा।
यह रैंप सीधे केडी सिंह बाबू स्टेडियम के स्टेशन को जोड़ेगा। यहां से आगे मेट्रो दोबारा उपरगामी हो जाएगी, जो सीधे मुंशीपुलिया तक जाएगी।

टेंडर ड्राफ्ट के मुताबिक कंपनियों को सीधे कहा गया है कि, भूमिगत मेट्रो स्टेशन कम से कम 4500 वर्ग मीटर (लगभग 50 हजार वर्ग फीट) के होंगे। जबकि, ट्रेन जिस सुरंग से गुजरेगी, उसका व्यास लगभग छह मीटर का होगा। जर्मनी से आने वाली टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) के जरिये ही अंडरग्राउंड मेट्रो की सुरंग का निर्माण किया जाता है।

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इच्छुक कंपनियां 30 को जान सकेंगी सभी बातें

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यह मशीन जमीन के भीतर सुरंग बनाने का काम शुरू करती है और आगे बढ़ते हुए जहां तक अंडरग्राउंड निर्माण किया जाना है, वहीं जाकर फिट हो जाती है। इसका दोबारा इस्तेमाल किया जाना संभव नहीं होता है।

कट एंड कवर विधि में जितनी जमीन की खोदाई की जाती है, उसको कवर करते हुए आगे बढ़ा जाता है। यानी पहले खोदाई और उसके बाद कवर कर दोनों काम मेट्रो परियोजना में साथ ही साथ किये जाते हैं।

जितनी कंपनियां टेंडर भरने के लिए इच्छुक होंगी, उनके बीच एलएमआरसी अपने मुख्यालय में प्री बिड मीटिंग का आयोजन 30 नवंबर को करेगा।

इस मीटिंग में कंपनियों के प्रतिनिधियों को एलएमआरसी टेंडर से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां देगा। इसके अलावा, कंपनियों के प्रतिनिधि भी टेंडर को लेकर अपनी जिज्ञासाएं सामने रखेंगे।

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