फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Livestock Department fraud big Revealing Registers were also fake

पशुधन विभाग फर्जीवाड़े में चौंकाने वाला खुलासा, फर्जी थे रजिस्टर भी, बचने के लिए गायब कर दिए गए?

Fri, 19 Jun 2020 09:32 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Fri, 19 Jun 2020 09:32 AM IST
विज्ञापन
Livestock Department fraud big Revealing Registers were also fake
गिरफ्तार आरोपी - फोटो : अमर उजाला
पशुधन विभाग में ठेका दिलाने के नाम पर इंदौर के व्यापारी से 9.72 करोड़ रुपये ठगने के मामले में सीबीसीआईडी के तत्कालीन एसपी के अलावा एक और रिटायर्ड आईपीएस व एक आईएएस की भूमिका खंगाली जा रही है। पुलिस को ठगी के मास्टरमाइंड आशीष राय के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल से पता चला है कि बीते तीन महीने में उसने एक रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी से 50 से ज्यादा बार बातचीत की थी। 
विज्ञापन


उधर, पुलिस की एक टीम ने गुरुवार को सीबीसीआईडी मुख्यालय जाकर वहां रजिस्टर खंगाले, लेकिन कुछ सफलता नहीं मिली। सूत्रों का कहना है कि दो साल पुराने रजिस्टर ढूंढने में वक्त लग रहा है।
विज्ञापन

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ठगी के सभी आरोपियों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल, एसएमएस और व्हाट्सएप कॉल व मैसेज का डाटा निकलवाया जा रहा है। फिलहाल पुलिस के हाथ में आशीष राय की कॉल डिटेल लगी है जिसमें चौंकाने वाली जानकारियां हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


आशीष की एक पूर्व आईपीएस अधिकारी से बीते तीन महीने से फोन पर घंटों बातचीत हुई है। एक दिन में कई-कई बार कॉल की गई व रिसीव की गई है। पुलिस के मुताबिक यह वही वक्त था जब ठगी के शिकार मंजीत सिंह भाटिया ने मोर्चा खोला था और एसटीएफ को मामले की जांच के आदेश दिए गए थे। 

पुलिस को शक है कि कहीं, आशीष राय पूर्व आईपीएस से बात करके इंदौर के कारोबारी के खिलाफ साजिश तो नहीं रच रहा था? या फिर वह रिटायर्ड आईपीएस से कानून के शिकंजे से बचने के बारे में बातचीत कर रहा था? पुलिस इन बातों की पुष्टि करने का प्रयास कर रही है। फिलहाल, सीबीसीआईडी के तत्कालीन एसपी और वर्तमान में डीआईजी के साथ ही रिटायर्ड आईपीएस और एक आईएएस अधिकारी की भूमिका खंगाली जा रही है।

रजिस्टर भी फर्जी थे या बचने के लिए गायब कर दिए गए?
ठगों ने जिस तरह से सचिवालय के फर्जी पास, ठेके से संबंधित फर्जी वर्क ऑर्डर व अन्य दस्तावेज बनाए थे, उससे लग रहा है कि सीबीसीआईडी के ऑफिस में एंट्री के लिए भी फर्जी रजिस्टर रखवाए होंगे। यह भी हो सकता है कि अपने पूर्व अधिकारी की गर्दन कानून के शिकंजे में फंसने की आशंका से सीबीसीआईडी के अधिकारियों ने ही रजिस्टर गायब करा दिए हों। रजिस्टर फर्जी थे या गायब करा दिए गए, पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed