लाइव रिपोर्ट: हॉटस्पॉट इलाके में जांच के लिए लोगों को घरों से बाहर निकालने में पसीने छूटे
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चारों ओर सड़कों पर सन्नाटा। घरों की बालकनी से नीचे झांकते लोग। सड़क पर सिर्फ पुलिस और मेडिकल की टीम। इसी बीच पुलिस वाले ने अनाउंस करना शुरू किया कि अपनी-अपनी जांच के लिए लोग बाहर आ जाएं लेकिन लोग बाहर नहीं निकले।
इसके बाद छावनी परिषद की पूर्व उपाध्यक्ष अंजुम आरा ने लोगों से जांच कराने का आग्रह किया, लेकिन असर नहीं पड़ा। काफी देर की मशक्कत के बाद दो लोग जांच के लिए बाहर आए तो डॉक्टर ने उनके सैंपल लिए।
यह नजारा लखनऊ के छावनी परिषद के कसाईबाड़ा इलाके का था। राजधानी के इस हॉटस्पॉट इलाके में सबसे ज्यादा कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। दिल्ली के मरकज से निकले जमातियों ने यहां की मस्जिद में डेरा डाला था।
इससे पूरे इलाके में संक्रमण फैल गया तो इसे सील कर दिया गया। पुलिस दिन-रात यहां मुस्तैद है, जबकि सुबह मेडिकल टीम और प्रशासन के अधिकारी भी पहुंच जाते हैं।
अधिकारी बोले, जांच में सहयोग नहीं कर रहे लोग
सोमवार को भी तय शेड्यूल के मुताबिक टीमें यहां पर पहुंचीं और लोगों को जांच के लिए बुलाया, लेकिन लोगों को घरों से निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। अधिकारियों का कहना है कि इलाके के लोग सहयोग नहीं करेंगे तो समस्या यूं ही बनी रहेगी।
कसाईबाड़ा इलाके में छुट्टा जानवर संक्रमण बढ़ाने का जरिया बन सकते हैं। यहां गोवंश के साथ कुत्ते भी इधर-उधर घूमते रहते हैं। बैरिकेडिंग के दूसरी ओर कसाईबाड़ा में भी ये मवेशी दिनभर आते-जाते रहते हैं और छावनी के अन्य इलाकों में भी चले जाते हैं। पुलिस वालों ने बताया कि दिनभर इन मवेशियों को भगाना पड़ता है।
पुलिसकर्मियों को भी सता रहा संक्रमण का डर
कसाईबाड़ा इलाके में जो पुलिसकर्मी ड्यूटी कर रहे हैं, उन्हें भी संक्रमण का डर सता रहा है। इलाके को बैरिकेड किया गया है, फिर भी उन्हें संक्रमित होने की आशंका है।
एक पुलिसकर्मी ने कहा कि हमारा भी परिवार है। इलाकाई लोग जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। ऐसे में संक्रमण का खतरा बना हुआ है। छावनी के संभ्रांत लोगों का कहना है कि लोग सहयोग करें तो महामारी से आसानी से छुटकारा मिल सकता है।
व्यापारी संजय दयाल ने कहा कि पुलिस-प्रशासन का रवैया सराहनीय है। लोगों को मामले की गंभीरता समझ होनी चाहिए और जांच के लिए खुद आगे आना चाहिए।
हर घर से दो सैंपल ले रही टीम
सैंपल कलेक्शन टीम द्वारा कोरोना संक्रमित मरीज के घर के 100 मीटर के दायरे में हर घर से दो लोगों की कोरोना जांच के लिए सैंपल लिए जा रहे हैं। टीम इस बात की जानकारी भी जुटा रही है कि वहां रहने वालों की उम्र कितनी है। परिवार में कितने महिला, पुरुष और बच्चे, बुजुर्ग हैं।