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नक्शा मंजूरी में रोड़ा बनने वाले अफसरों-कर्मियों की सूची तलब
Sun, 20 Dec 2020 12:40 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sun, 20 Dec 2020 12:40 PM IST
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बिल्डिंग प्लान की ऑनलाइन अप्रूवल
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सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार ने 7 दिन व 15 दिन से अधिक समय तक नक्शे की मंजूरी लटकाने वाले अफसरों व कर्मियों की सूची तलब की है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के निर्देशन में बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम की खामियां दुरुस्त की जाएगी। इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
सूत्रों ने बताया कि विकास प्राधिकरणों में बिल्डिंग प्लान अप्रूवल में नक्शे की मंजूरी तय समय के बाद तक लटकाने की शिकायतें सीएमओ तक पहुंच रही थी। इसके बाद सचिव मुख्यमंत्री के स्तर पर आवास बंधु व मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक आदि के साथ ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम की समीक्षा की गई। सचिव ने 7 दिन से अधिक समय से मात्र डिजिटल सिग्नेचर के लिए लंबित नक्शों की संख्या मांग ली है। उन्होंने ऐसे प्राधिकरणों व अधिकारियों के नाम व पदनाम के साथ सूची भी तलब की है।
इसी तरह 15 दिन से अधिक समय से अधिकारियों के स्तर पर लंबित मानचित्रों की सूची मांगी गई है। माना जा रहा है कि कुछ लोगों की जिम्मेदारी तय की जा सकती है। इसके अलावा 6 जनवरी, 2020 से अब तक लो रिस्क व हाई रिस्क के कुल स्वीकृत व अस्वीकृत नक्शों की संख्या तथा अस्वीकृत करने के कारणों की सूचना मांगी गई है।
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सिस्टम में सुधार के दिए निर्देश
- प्राधिकरण स्तर पर नक्शे की स्वीकृति की उपाध्यक्ष व शासन स्तर से अलग-अलग समीक्षा की जाए। इसके लिए अलग-अलग डैशबोर्ड बनेगा। सीएमओ भी समीक्षा करेगा।
- नक्शा निरस्तीकरण का कारण पोर्टल पर प्रदर्शित करना होगा। इसकी 5-6 श्रेणी बनाने पर विचार किया जाए।
- मानचित्र स्वीकृति की प्रगति से संबंधित प्राधिकरणवार सूचना के साथ अधिकारीवार सूचना दी जाएगी।
- पोर्टल पर प्रत्येक पृष्ठ पर सर्च सुविधा दी जाएगी। इससे किसी भी मानचित्र की संख्या से उसकी पूरी जानकारी मिलेगी।
- लो रिस्क मानचित्र व हाई रिस्क मानचित्र का स्टेट्स अलग-अलग प्रदर्शित किया जाए।
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सूत्रों ने बताया कि विकास प्राधिकरणों में बिल्डिंग प्लान अप्रूवल में नक्शे की मंजूरी तय समय के बाद तक लटकाने की शिकायतें सीएमओ तक पहुंच रही थी। इसके बाद सचिव मुख्यमंत्री के स्तर पर आवास बंधु व मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक आदि के साथ ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम की समीक्षा की गई। सचिव ने 7 दिन से अधिक समय से मात्र डिजिटल सिग्नेचर के लिए लंबित नक्शों की संख्या मांग ली है। उन्होंने ऐसे प्राधिकरणों व अधिकारियों के नाम व पदनाम के साथ सूची भी तलब की है।
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इसी तरह 15 दिन से अधिक समय से अधिकारियों के स्तर पर लंबित मानचित्रों की सूची मांगी गई है। माना जा रहा है कि कुछ लोगों की जिम्मेदारी तय की जा सकती है। इसके अलावा 6 जनवरी, 2020 से अब तक लो रिस्क व हाई रिस्क के कुल स्वीकृत व अस्वीकृत नक्शों की संख्या तथा अस्वीकृत करने के कारणों की सूचना मांगी गई है।
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सिस्टम में सुधार के दिए निर्देश
- प्राधिकरण स्तर पर नक्शे की स्वीकृति की उपाध्यक्ष व शासन स्तर से अलग-अलग समीक्षा की जाए। इसके लिए अलग-अलग डैशबोर्ड बनेगा। सीएमओ भी समीक्षा करेगा।
- नक्शा निरस्तीकरण का कारण पोर्टल पर प्रदर्शित करना होगा। इसकी 5-6 श्रेणी बनाने पर विचार किया जाए।
- मानचित्र स्वीकृति की प्रगति से संबंधित प्राधिकरणवार सूचना के साथ अधिकारीवार सूचना दी जाएगी।
- पोर्टल पर प्रत्येक पृष्ठ पर सर्च सुविधा दी जाएगी। इससे किसी भी मानचित्र की संख्या से उसकी पूरी जानकारी मिलेगी।
- लो रिस्क मानचित्र व हाई रिस्क मानचित्र का स्टेट्स अलग-अलग प्रदर्शित किया जाए।