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बच्ची से दुराचार करने वाले को आजीवन कारावास

Fri, 29 Apr 2022 01:48 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 29 Apr 2022 01:48 AM IST
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lifetime prison in case of rape with minor
लखनऊ। जंगल में बकरी चराने गई दस वर्ष की बच्ची के साथ दुराचार करने के मामले में लल्लू रावत को पाक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश अरविंद मिश्रा ने दोषी ठहराकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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कोर्ट में विशेष लोक अभियोजक सुखेंद्र प्रताप सिंह ने तर्क देकर बताया कि घटना की रिपोर्ट वादी ने 10 जून 2013 को नगराम में दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि वादी की 10 वर्षीय बहन घटना की शाम करीब साढ़े छह बजे जंगल के पास बकरी चरा रही थी। उसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने उसकी बहन के साथ दुराचार किया। विवेचना के दौरान आरोपी लल्लू रावत का नाम प्रकाश में आया था। इस प्रकरण में पीड़िता की मृत्यु हो गई थी। नगराम पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध दुराचार और हत्या के मामले में आरोप पत्र दाखिल किया था। लेकिन अदालत ने आरोपी को हत्या के आरोपों से साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।
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गवाहों पर जानलेवा हमला करने में तीन को सात-सात साल की सजा
लखनऊ। पुराने मुकदमे में गवाही देने की रंजिश के चलते गवाहों पर जानलेवा हमला कर घायल करने की आरोपी हरिशंकर, लवकुश एवं राधेलाल को गैंगस्टर एक्ट की विशेष न्यायाधीश रेखा शर्मा ने सात-सात साल कठोर कारावास व 15 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है।
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कोर्ट में विशेष लोक अभियोजक प्रशांत कुमार बाजपेई ने तर्क दिया था कि मामले की रिपोर्ट वादी अरुण कुमार यादव ने 11 अप्रैल 1996 को बंथरा थाने में दर्ज कराई थी। कहा गया था कि 26 नवंबर 1988 को वादी के भाई सिकंदर को लीलाखेड़ा के रामलाल, उनके भाई लवकुश व राधेलाल ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर गोली मार दी थी जिसमें 11 अप्रैल को गवाही होनी थी। इसी रंजिश के चलते जब वादी अपने भाई व पिता के साथ बंथरा से घर वापस आ रहा था। तभी पुराने भट्ठे के पास शाम करीब 5:30 बजे आरोपियों ने सरिया व लाठी से गंभीर चोटें पहुंचाई।

आरोप है कि इसके पहले इन तीनों आरोपियों ने वादी की बहन के ससुर की हत्या की थी जिसमें तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। कहा गया है कि आरोपियों का आपराधिक इतिहास है। यह लोग मिलकर कत्ल, डकैती व मारपीट करते हैं। इसके अलावा गांव के छेदा यादव के घर लूटपाट की थी जिसका मुकदमा चल रहा है। अदालत ने आरोपियों को हत्या के प्रयास एवं गिरोह बंद अधिनियम के आरोपों में दोषी पाते हुए कारावास एवं सजा से दंडित किया है।
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