अयोध्या : सामान्य दिनों की तरह बीती 6 दिसंबर की तारीख, खुले रहे स्कूल-कॉलेज
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विवादित ढांचा ढहाए जाने की 26वीं बरसी पर भी अयोध्या में बृहस्पतिवार की सुबह रोज की तरह ही थी। भोर में हनुमानगढ़ी समेत मठ-मंदिरों से साधु-संतों ने सरयू में डुबकी लगाई और तिलक लगाकर पूजा-अर्चना की। अयोध्या की हर सड़क और गली में छात्र-छात्राएं बेखौफ स्कूल जाती नजर आईं।
मदरसे में पढ़ने जा रहे टेढ़ीबाजार के पास मिले मो. शाकिर, मो. अब्दुल्ला, मो. नुमान बोले-हम सब बहराइच के रहने वाले हैं, आईटीआई के पास रहते हैं, वहीं मदरसे में पढ़ते हैं। माहौल बहुत खुशगवार बस पुलिस की गाड़ियां और कुछ रोक-टोक है।
तुलसी उद्यान के पास नवाबगंज गोंडा से ट्यूशन पढ़कर लौंट रहीं बीएससी की छात्रा दो सहेलियां सबा सबरीन और रिया शर्मा बोलीं, 6 दिसंबर को लेकर खौफ और संशय होता तो इतनी सुबह अयोध्या कैसे आतीं? बैरिकेडिंग के चलते दो किलोमीटर पैदल चलने पर टैंपो मिलेगा।
मोदी में दम है, दिखाएगा जरूर
श्रीराममंदिर न्यास की कार्यशाला में भक्तों की भीड़ थी। राममंदिर मॉडल बाहर रखा था। विनोद कुमार बोले इसको पालिस करने के लिए बाहर निकाला गया है पांच दिन से काम चल रहा है। गुजरात से आई भक्तों की टोली में शामिल प्रभु लाल, राघव, कुंवर भाई ने कहा मोदी में दम है दिखाएगा जरूर, मंदिर बनेगा। रजनीकांत सोमपुरा शिला की तराशी में जुटे थे, बोले, मंदिर बनना शुरू होगा तो इसकी सफाई में भी वक्त लगेगा।
अटल की तरह मोदी लें निर्णय
बाबरी मस्जिद मामले के पक्षकार इकबाल अंसारी के घर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के जफरयाब जिलानी के प्रतिनिधि के रूप में सिद्धार्थ सिंह सुबह ही पहुंच गए थे। उन्होंने कहा कि मामला कोर्ट में है सभी चाहते हैं जल्दी हल हो जाए, कोर्ट के निर्णय की प्रतीक्षा सभी कर रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने निर्णय लिया था जिसके बाद रोज सुनवाई शुरू हुई जिसकी वजह से एक निर्णय आया। वर्तमान केंद्र सरकार को भी उन्हीं की तरह ही निर्णय लेकर मुकदमे का निस्तारण कराना चाहिए।
वो शौर्य दिवस मनाना छोड़ दें तो हम यौमे गम: इकबाल
बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा कि मुसलमान तो कह ही रहा है कि कोर्ट का फैसला मानेंगे, कोर्ट देर कर रहा है। हमने जल्द सुनवाई की मांग को लेकर हिंदू पक्षकार के साथ मिलकर राष्ट्रपति को ज्ञापन दिया है। यौमे गम यदि मुसलमान मनाते हैं तो शौर्य दिवस मनाने वालों से पूछा जाना चाहिए कि वे कब तक मनाएंगे। वो शौर्य दिवस मनाना बंद कर दें तो हम भी बंद कर देंगे। कहा कि मैं न यौमे गम में शामिल हूं, न ही शौर्य दिवस में। यह तो नेताओं की परंपरा है। हमारी एक ही मांग यह झगड़ा खत्म होना चाहिए। इकबाल ने कहा कि 1990,1992 में भीड़ बढ़ी तो नुकसान हुआ, लेकिन 25 दिसंबर की भीड़ से कोई नुकसान नहीं हुआ, यह सरकार की व्यवस्था का नतीजा था।
आडवाणी को नहीं बनने दिया राष्ट्रपति: हाजी
बाबरी मस्जिद के पक्षकार हाजी महबूब के घर पर यौमे गम को लेकर कार्यक्रम चल रहा था। बाबरी मस्जिद शहीद करने वालों के खिलाफ जोशीली तकरीरें हो रहीं थीं। लोग गम और गुस्सा जता रहे थे। इसी बीच हाजी महबूब ने कमरे के अंदर आकर बात शुरू की। कहा कि बाबरी मस्जिद को शहीद करने वाले लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमाभारती को सजा दिलवाकर रहूंगा। सीबीआई केस वापस लेने की तैयारी में थी लेकिन मेरी रिट पर सुनवाई चल रही है। मैंने आडवाणी को राष्ट्रपति नहीं बनने दिया। कहा कि सुप्रीम कोर्ट ही मंदिर-मस्जिद विवाद निपटाने का अंतिम जरिया दिख रही है। हम चाहते हैं कि सुलह-समझौते की ईमानदारी से कोशिश हो। तमाम लोग इस मकसद से आते हैं लेकिन श्री श्री की कोशिश ही ईमानदार दिखती है। अयोध्या के मुसलमान नहीं चाहते कि राममंदिर न बने।
सुबह अचानक लगा दिए बैरियर, दिन ढलते ही हटा लिए
अयोध्या में सुबह सात बजे अचानक पुलिस की बंदिशों ने माहौल तल्ख कर दिया। मुख्य मार्गों पर बैरियर लगाकर वाहनों का प्रवेश रोक दिया गया। इसका असर दर्शन-पूजन से लेकर स्कूल-कॉलेज, समेत हर चीज पर पड़ा। लोगों का गुस्सा बढ़ने लगा तो एसपी सिटी अनिल सिंह सिसोदिया ने पहुंचकर मोहबरा मार्ग खुलवाया। हालांकि दिन ढलते ही हालात सामान्य हो गए।