'तीन महीने में चयनित लेखपालों को तैनाती'
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राजस्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने कहा है कि लेखपाल भर्ती परीक्षा के रिजल्ट व इंटरव्यू की कार्यवाही तीन महीने में पूरी कर चयनित लेखपालों को तैनाती दे दी जाएगी। इंटरव्यू के लिए डीएम की अध्यक्षता में चयन समिति गठित कर दी गई है। सरकार जल्द लेखपालों को तैनाती देना चाहती है, ताकि गांवों की समस्याओं का समाधान तेजी से हो सके।
लेखपाल भर्ती के बीच राजस्व परिषद पहुंचे मंत्री ने दावा किया कि परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से हुई है। उन्होंने इसके लिए राजस्व परिषद के अध्यक्ष अनिल कुमार गुप्त व उनकी टीम तथा जिला व पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि दलाल घूम रहे हैं। पैसे लिए बैठे हैं, लेकिन वे पकड़े जा रहे हैं।
शिवपाल ने दोहराया कि सरकार या उनका नजदीकी बताकर कोई ठगी करेगा तो वह जेल जाएगा। खुफिया पुलिस पूरी तरह सतर्क है।
पंचायत चुनावों में देरी से लेखपालों की नियुक्ति पर असर के सवाल पर मंत्री ने कहा कि कुछ वजहों से प्रधानी चुनाव में देरी हुई है। मगर, चुनाव व लेखपालों के चयन से जुड़ी कार्यवाही साथ-साथ चलती रहेगी। इस मौके पर राजनैतिक पेंशन मंत्री राजेंद्र चौधरी भी उपस्थित थे।
1.31 लाख छात्रों ने दी राजधानी में लेखपाल परीक्षा
वहीं, कुछ केंद्रों पर लापरवाही और ट्रैफिक जाम के बीच राजधानी लखनऊ में रविवार को लेखपाल की परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न हो गई। राजधानी में 113 केंद्रों पर कुल 1,31,421 अभ्यर्थी शामिल हुए। प्रशासन, पुलिस और रेलवे अधिकारियों की मुस्तैदी के चलते शहर में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के होने के बावजूद किसी मुसीबत का सामना नहीं करना पड़ा।
पुराने लखनऊ में जरूर जाम की दिक्कत हुई। इसके अलावा कुछ केंद्रों पर छिटपुट समस्याएं अभ्यर्थियों के लिए मुसीबत बनीं। वहीं, सुन्नी इंटर कॉलेज में छह अभ्यर्थियों के खिलाफ कॉपी लेकर चले जाने की शिकायत भी बाजारखाला थाना में दर्ज कराई गई है।
जिला प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक दो पाली में होने वाली परीक्षा में कुल 1,66,357 अभ्यर्थियों को शामिल होना था। इनमें से पहली पाली में 66,543 और दूसरी पाली में 64,878 अभ्यर्थी शामिल हुए। 21 प्रतिशत यानी 24,814 अभ्यर्थियों ने परीक्षा नहीं दी।
परीक्षा के दौरान डीएम राजशेखर ने एसएसपी राजेश पांडेय के साथ पुराना लखनऊ, इंदिरानगर और गोमतीनगर के 14 केंद्रों का निरीक्षण किया। साथ ही वे ट्रैफिक और चारबाग रेलवे स्टेशन पर भी तैयारियों का जायजा लेने भी पहुंचे। यहां उन्होंने डीजी रेलवे जावीद अहमद के साथ अभ्यर्थियों की सहूलियतों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान कमरों में मिला अंधेरा
डीएम को निरीक्षण के दौरान कमरों में अंधेरा होने, केंद्रों के संकरे इलाकों में बनाए जाने और परीक्षा के समय बांये हाथ के अंगूठा निशानी नहीं लिए जाने की शिकायतें भी मिलीं। इन शिकायतों को तुरंत हल कराने के निर्देश उन्होंने मौके पर ही दिए।
डीएम ने कहा कि शासनादेश में अंगूठा निशानी से जुड़ा ऐसा कोई निर्देश नहीं है, जिसकी वजह से अभ्यर्थी की दावेदारी पर सवाल उठे। इसे लगाया जाना सुनिश्चित करने के लिए भी उन्होंने कहा।
इंदिरानगर के रजत डिग्री कॉलेज, शक्तिनगर में खुद डीएम की सरकारी गाड़ी ही संकरी गली में फंस गई। यहां परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों की गाड़ियों और दोपहिया वाहनों की वजह से सड़क ही बाधित हो गई। इसके बाद डीएम को अपनी गाड़ी छोड़कर परीक्षा केंद्र पर जाना पड़ा।
डीएम ने फटकारा तो जुटा बीएसएनएल
परीक्षा के समय ही बीएसएनएल की सेवाएं ठप हो गईं। इसकी वजह से डीएम को बीएसएनएल की सीयूजी होने के वजह से अपने ही अधिकारियों से बात करना मुश्किल हो गया। इसके बाद उन्होंने बीएसएनएल के अधिकारियों से पूरे मामले पर रिपोर्ट मांगी। इसके बाद बीएसएनएल का पूरा अमला तकनीकी खामी को सुलझाने में जुट गया। इसे किसी तरह दूसरी पाली की परीक्षा शुरू होने से पहले ठीक कर लिया गया।
आधा दर्जन मोबाइल गुम
लेखपाल परीक्षा में शामिल होने पहुंचे करीब एक दर्जन अभ्यर्थियों के मोबाइल फोन गुम हो गए। कृष्णानगर निवासी प्रभात शर्मा ने चिनहट थाने में तहरीर दी कि उसका मोबाइल परीक्षा के दौरान खो गया। वह छोटा भरवारा में एसडीएसएन पब्लिक स्कूल में परीक्षा देने गया था। वहीं, बिहार के छपरा जिले से आए जमाल, पारा निवासी अनुज कुमार, शाहपुर टांडा निवासी रंजीत सहित करीब एक दर्जन अभ्यर्थियों ने अपने मोबाइल खोने की शिकायत की।
अभ्यर्थी पहुंचे तो ताला मिला बंद
ब्राइट-वे स्कूल में रविवार को परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों को केंद्र के मुख्य दरवाजे पर ताला मिला। प्रबंधन की तरफ से किसी के नहीं आने के चलते जिला प्रशासन के अधिकारियों ने गेट का ताला ही तुड़वा दिया। इसके बाद ही ड्यूटी पर स्टाफ और अभ्यर्थी अंदर जा सके। हालांकि समय से ही परीक्षा शुरू कर दी गई।
केंद्र बदलने पर छूटी परीक्षा
हीरालाल इंटर कॉलेज सिसेंडी का केंद्र अंतिम समय पर बदलने का असर कई अभ्यर्थियों को अपनी परीक्षा छूटने के रूप में चुकाना पड़ा। यहां का कें द्र निरस्त कर जिला प्रशासन ने राजकीय इंटर कॉलेज निशातगंज को नया केंद्र बनाया था। इसकी सूचना ईमेल और मैसेज से अभ्यर्थियों को भेजी भी गई। इसके बाद भी कुछ छात्र पुराने केंद्र पर ही पहुंच गए। दोनों केंद्र में दूरी होने के चलते अभ्यर्थी समय पर नए केंद्र पर नहीं पहुंच सके। पुराने केंद्र पर पहुंचे छात्रों ने वहां हंगामा भी काटा।
अंधेरे कमरे में ही हुई परीक्षा
निशातगंज स्थित एमकेएसडी इंटर कॉलेज में निरीक्षण करने पहुंचे डीएम को बच्चे अंधेरे हॉल में परीक्षा देते मिले। रोशनी की कमी पर डीएम ने प्रबंधन को फटकारा। डीएम ने इसके साथ ही न्यूनतम जरूरत की रोशनी की व्यवस्था कराई। डीएम ने बताया कि अभ्यर्थियों को शीट भरने में कोई दिक्कत नहीं आई। यूनिवर्सल मांटेसरी कॉलेज लक्ष्मणपुरी इंदिरानगर में भी डीएम को तीसरी मंजिल पर अभ्यर्थी बरामदे में परीक्षा देते हुए मिले।
डीएम राजशेखर के अनुसार, 79 प्रतिशत अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए हैं। सभी 113 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा पारदर्शिता और शांतिपूर्वक पूरी हुई। हीरालाल इंटर कॉलेज में केंद्र बदलने की सूचना पहले ही अभ्यर्थियों को एसएमएस और ईमेल से दी गई थी। केंद्र पर भी नोटिस लगा था। अगर कोई परीक्षा नहीं देने आया तो इसमें प्रशासनिक चूक नहीं है। निशातगंज के केंद्र में भी ओएमआर शीट भरने को पर्याप्त रोशनी की सुविधा कराई गई।
एसएसपी राजेश पांडेय का कहना है कि पूरे जिले की पुलिस को लेखपाल परीक्षा पारदर्शित और लॉ एंड ऑर्डर को संभालते हुए पूरा कराने को तैनात किया गया था। जाम से लेकर केंद्रों पर भी व्यवस्था बेहतर और नियंत्रण में रहे। इसकी पूरी व्यवस्था की गई थी। किसी भी केंद्र से कोई बड़ी घटना की सूचना नहीं मिली। सिसेंडी में भी कोई बवाल सुनने में नहीं आया।