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एलडीए में खेल, छोटे प्लाट को बदल दिया बड़ा प्लाट

Thu, 19 Sep 2013 01:51 AM IST
ऋषि मिश्रा/लखनऊ
ऋषि मिश्रा/लखनऊ Updated Thu, 19 Sep 2013 01:51 AM IST
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lda scheme in plotting

जानकीपुरम योजना से ट्रस्ट की योजना महानगर में प्लाट बदले जाने के मामले में एलडीए घिर गया है।

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इस प्रकरण में गड़बड़ी सामने आने पर प्राधिकरण ने महानगर में प्लाट आवंटन पर रोक लगा कर उसकी नीलामी की घोषणा कर दी तो आवंटी ने कोर्ट की शरण ले ली।

कोर्ट ने इस मामले में नीलामी पर रोक लगा दी। जबकि, इस पूरे प्रकरण में हुई धांधली संबंधी फाइलों को खंगालना शुरू किया तो तीन पीसीएस अधिकारी और कुछ बाबुओं की प्रकरण में संलिप्तता सामने आई है।

हाईकोर्ट की पीठ ने महानगर स्थित एक प्लॉट के मामले में कहा कि जिस किसी भी अफसर ने इस मामले में ‘फ्रॉड’ किया है उसे कोर्ट में पेश किया जाए।

अगर एलडीए द्वारा अनियमितताएं की गईं हों तो चाहे जो भी हों, उसे दंडित किया जाना चाहिए। कोर्ट ने इन निर्देशों व टिप्पणी के साथ एलडीए समेत अन्य पक्षकारों को जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए चार हफ्ते का समय दिया है।
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जबकि याची को प्रति उत्तर दाखिल करने के लिए दो हफ्ते का वक्त दिया है। अदालत ने अगले आदेशों तक महानगर इलाके के इस 252.6 वर्ग मीटर के प्लॉट की बिक्री पर रोक लगा दी है।
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याची के वकील उमेश चंद्र सिंह का तर्क था कि याची ने प्लॉट के लिए पूरी रकम (18 लाख) जमाकर दी है। इसके बावजूद एलडीए व अन्य पक्षकारों ने 17 जुलाई 2013 भूखंड की नीलामी व बिक्री संबंधी प्रश्नगत आदेश दे दिया।

प्राधिकरण में हड़कंप, कई पर गाज संभव
एलडीए के वर्तमान अधिकारी अब इस प्रकरण की पुरानी फाइले खंगालने में लगे हुए हैं। जिसमें निकल कर सामने आया है करीब 2008 में इस जानकीपुरम में मूल रूप से आवंटित प्लाट को बदल कर महानगर में उससे करीब दुगने साइज का प्लाट दिया गया।

आवंटी को पहले सेक्टर जे जानकीपुरम में 128 वर्ग मीटर का प्लाट एलाट किया। इसके बदले में उसे महानगर जो कि ट्रस्ट की योजना है, उसमें 288 वर्ग मीटर का प्लाट एलाट कर दिया गया।


प्राधिकरण के अधिकारियों का मानना है कि, यह नियम विरुद्ध है। इस मामले में प्लाट बदले जाने के कागजों पर तत्कालीन सचिव पीसीएस मणिप्रसाद मिश्र, नजूल अधिकारी पीसीएस नंद लाल, संयुक्त सचिव पीसीएस आरके राम (रिटायर्ड), अनुभाग अधिकारी वीरेंद्र यादव, बाबू धीरेंद्र सिंह के हस्ताक्षर पाए गए हैं।

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