{"_id":"5d1674938ebc3e3cbc69927e","slug":"lda-joint-scretary-fired-on-staff-lucknow-news-lko4678187158","type":"story","status":"publish","title_hn":"अवैध निर्माण पर एलडीए के संयुक्त सचिव बोले, जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होगी, थाने से नहीं जाएगा स्टाफ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अवैध निर्माण पर एलडीए के संयुक्त सचिव बोले, जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होगी, थाने से नहीं जाएगा स्टाफ
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
00
फोटो - अतुल फोल्डर।
अवैध निर्माण पर संयुक्त सचिव नाराज, एफआईआर दर्ज होने तक बैठेगा स्टाफ
क्रासर- तीन माह तक सोते रहे एलडीए के इंजीनियर, संयुक्त सचिव ने फिर से भिजवाई तहरीर
- पुलिस का कहना, हमें पहले तहरीर ही नहीं मिली अब करा रहे दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ। लालबाग में एलडीए की विहित प्राधिकारी कोर्ट के सामने बन रहे अवैध निर्माण के मामले में पुलिस तीन माह से एफआईआर ही दर्ज नहीं कर रही है। संयुक्त सचिव व विहित प्राधिकारी ऋतु सुहास की फटकार के बाद अब दोबारा तहरीर दी गई है। हालांकि 24 घंटे बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी थी। ऋतु सुहास का कहना है कि पहले की तरह नहीं चलेगा। फाइल में तहरीर की कॉपी नहीं है। एफआईआर की कॉपी लगी होनी चाहिए। तहरीर लेकर जाने वाला स्टाफ तब तक थाने में रुकेगा, जब तक कि एफआईआर दर्ज न हो जाए। जरूरत होने पर वरिष्ठ अधिकारी भी थाना प्रभारी से बात करेंगे।
संयुक्त सचिव का कहना है कि एलडीए के जोन-6 के इंजीनियरों से जब एफआईआर की जानकारी मांगी गई तो पता चला कि 13 मार्च को तहरीर दी गई थी। भूखंड 130/6, जगदीश चंद्र बोस पर संत कुमार चरन और बसंत कुमार चरन के खिलाफ सील तोड़कर अवैध निर्माण करने की एफआईआर दर्ज हुई कि नहीं? इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं था। अवर अभियंता को भेजा गया तो पता चला कि कोई तहरीर थाने आई ही नहीं। संयुक्त सचिव की फटकार के बाद बृहस्पतिवार को फिर से एक्सईएन ओपी मिश्रा की तरफ से तहरीर दी गई। संयुक्त सचिव का कहना है कि इसके बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। अब मैंने खुद कैसरबाग थाने के निरीक्षक को फोन पर बात कर आपत्ति दर्ज कराई है।
एलडीए में एफआईआर कराने का भी खेल
संयुक्त सचिव का कहना है कि कई फाइलें देखी गई हैं। सभी में डाक से तहरीर भेज दी गई। इसके बाद यह नहीं देखा गया कि एफआईआर दर्ज हुई कि नहीं। कई माह बाद भी एफआईआर की कॉपी फाइल में नहीं लगाई गई हैं। अवैध निर्माण रुका कि नहीं। यह भी फाइल में रिपोर्ट नहीं किया जाता। ऐसे मामले चिन्हित कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
वर्जन-
तीन माह पहले की तहरीर की जानकारी मुझे नहीं है। मुझे बृहस्पतिवार को तहरीर मिली है। संयुक्त सचिव का भी फोन आया। उन्हें भी बता दिया गया है कि इस पर एफआईआर दर्ज हो जाएगी।
- अजय कुमार सिंह, निरीक्षक, कैसरबाग थाना
विज्ञापन
फोटो - अतुल फोल्डर।
अवैध निर्माण पर संयुक्त सचिव नाराज, एफआईआर दर्ज होने तक बैठेगा स्टाफ
क्रासर- तीन माह तक सोते रहे एलडीए के इंजीनियर, संयुक्त सचिव ने फिर से भिजवाई तहरीर
- पुलिस का कहना, हमें पहले तहरीर ही नहीं मिली अब करा रहे दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ। लालबाग में एलडीए की विहित प्राधिकारी कोर्ट के सामने बन रहे अवैध निर्माण के मामले में पुलिस तीन माह से एफआईआर ही दर्ज नहीं कर रही है। संयुक्त सचिव व विहित प्राधिकारी ऋतु सुहास की फटकार के बाद अब दोबारा तहरीर दी गई है। हालांकि 24 घंटे बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी थी। ऋतु सुहास का कहना है कि पहले की तरह नहीं चलेगा। फाइल में तहरीर की कॉपी नहीं है। एफआईआर की कॉपी लगी होनी चाहिए। तहरीर लेकर जाने वाला स्टाफ तब तक थाने में रुकेगा, जब तक कि एफआईआर दर्ज न हो जाए। जरूरत होने पर वरिष्ठ अधिकारी भी थाना प्रभारी से बात करेंगे।
संयुक्त सचिव का कहना है कि एलडीए के जोन-6 के इंजीनियरों से जब एफआईआर की जानकारी मांगी गई तो पता चला कि 13 मार्च को तहरीर दी गई थी। भूखंड 130/6, जगदीश चंद्र बोस पर संत कुमार चरन और बसंत कुमार चरन के खिलाफ सील तोड़कर अवैध निर्माण करने की एफआईआर दर्ज हुई कि नहीं? इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं था। अवर अभियंता को भेजा गया तो पता चला कि कोई तहरीर थाने आई ही नहीं। संयुक्त सचिव की फटकार के बाद बृहस्पतिवार को फिर से एक्सईएन ओपी मिश्रा की तरफ से तहरीर दी गई। संयुक्त सचिव का कहना है कि इसके बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। अब मैंने खुद कैसरबाग थाने के निरीक्षक को फोन पर बात कर आपत्ति दर्ज कराई है।
विज्ञापन
एलडीए में एफआईआर कराने का भी खेल
संयुक्त सचिव का कहना है कि कई फाइलें देखी गई हैं। सभी में डाक से तहरीर भेज दी गई। इसके बाद यह नहीं देखा गया कि एफआईआर दर्ज हुई कि नहीं। कई माह बाद भी एफआईआर की कॉपी फाइल में नहीं लगाई गई हैं। अवैध निर्माण रुका कि नहीं। यह भी फाइल में रिपोर्ट नहीं किया जाता। ऐसे मामले चिन्हित कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
वर्जन-
तीन माह पहले की तहरीर की जानकारी मुझे नहीं है। मुझे बृहस्पतिवार को तहरीर मिली है। संयुक्त सचिव का भी फोन आया। उन्हें भी बता दिया गया है कि इस पर एफआईआर दर्ज हो जाएगी।
- अजय कुमार सिंह, निरीक्षक, कैसरबाग थाना