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वाटर मीटर लगाने की सुस्त पड़ी चाल

Wed, 24 Jul 2013 11:09 AM IST
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क Updated Wed, 24 Jul 2013 11:09 AM IST
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laxity in water metre campaign

राजधानी में पानी का मीटर लगाने वाली दोनों एजेंसियों के बीच कोई सामंजस्य

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नहीं है।

इच्छाशक्ति के अभाव में ये काम अपनी गति नहीं पकड़ पाया है। जलमूल्य तो तय कर लिया गया है मगर जल संस्थान और जल निगम ये तय नहीं कर पाए हैं कि वाटर मीटर किस तरह लगवाए जाएं।

करीब 80 हजार मीटर लगाने के लिए एजेंसी भी तय कर ली गई है लेकिन बिलिंग और उसकी वसूली करने के लिए दूसरी एजेंसी को चुनना बाकी है। जल निगम का साफ कहना है कि जल संस्थान जलमूल्य फाइनल करके दे तो वे एजेंसी भी फाइनल कर लेंगे।

दूसरी तरफ जल संस्थान को इस विषय में जानकारी ही नहीं है। जल संस्थान को जल निगम के अधिकारियों के साथ बैठक का इंतजार है। फिलहाल जल निगम का दावा है कि मार्च-2014 तक इंदिरा नगर व गोमती नगर में मीटर लगाने का काम पूरा कर लिया जाएगा।

पानी की खपत को नियंत्रित करने के लिए जेएनएनयूआरएम के तहत वाटर मीटर लगाने का प्रावधान किया गया है। तीन महीने पहले जल निगम ने मीटर लगाने के लिए एक एजेंसी फाइनल की थी।

इसके बाद जल संस्थान ने नए जलमूल्य तय किए। ये जलमूल्य जब नगर निगम की बैठक में रखे गए तो जनप्रतिनिधियों ने स्वीकार नहीं किया। इसके बाद जल संस्थान ने जलमूल्य का प्रस्ताव स्थानीय निकाय निदेशालय को भेज दिया। निदेशालय ने कुछ समय पहले जलमूल्य तय कर दिए हैं।

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