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UP: अनुदेशकों पर टूटा पुलिस का कहर, कई घायल

Tue, 14 Oct 2014 02:05 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 14 Oct 2014 02:05 AM IST
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lathi charge at computer anudeshak in lucknow.

समायोजन की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे प्रदेश भर से आए कंप्यूटर अनुदेशकों पर पुलिस ने जमकर लाठियां बरर्साइं। हजरतगंज से लेकर चारबाग तक एक घंटे तक रह-रहकर पिटाई का यह सिलसिला चलता रहा। पुलिस ने महिला अनुदेशकों को भी नहीं बख्शा।

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कई महिला अनुदेशक बेहोश हो गईं। कई राहगीर भी पुलिस के डंडे का शिकार बने। लाठीचार्ज में गंभीर रूप से घायल दर्जन भर से ज्यादा अनुदेशकों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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माध्यमिक कंप्यूटर अनुदेशक एसोसिएशन यूपी के तत्वावधान में सोमवार दोपहर 12 बजे चारबाग से कंप्यूटर अनुदेशकों का रेला विधान भवन का घेराव करने पहुंच गया। सैकड़ों की संख्या में अनुदेशक ओसीआर बिल्डिंग से लेकर विधान भवन तक जमा हो गए।
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इसी बीच अनुदेशकों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मार्ग जाम कर विधानभवन के घेराव की कोशिश की। प्रशासन व पुलिस ने कंप्यूटर अनुदेशक एसोसिएशन की अध्यक्ष कुमारी साजदा पवार से वार्ता कर प्रदर्शन रोकने व शासन स्तर से वार्ता कराने का आश्वासन दिया लेकिन वे नारेबाजी करते रहे। इसी बीच साजदा बेहोश हो गईं तो उन्हें रिक्शे पर बैठाकर सिविल अस्पताल ले जाने को लेकर उनके पीछे अनुदेशक नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री आवास की तरफ बढ़ने लगे।

दौड़ा-दौड़ा कर पीटा

lathi charge at computer anudeshak in lucknow.

पुलिस ने अनुदेशकों को फिर रोकने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद पुलिस ने शिक्षा निदेशालय के सामने दौड़ा-दौड़ा कर प्रदर्शनकारियों पर लाठियां बरसानी शुरू कर दीं। प्रदर्शनकारी वहां से चारबाग की तरफ भागे। ओसीआर बिल्डिंग के पास जाकर वे फिर जमा हो गए। यहां भी पुलिस ने लाठियां बरसाईं और उन्हें खदेड़ा।

पूछा क्या आप कंप्यूटर अनुदेशक हैं, हां कहते ही लाठियां
ओसीआर बिल्डिंग के पास से भागे कंप्यूटर अनुदेशक चारबाग स्टेशन पहुंच गए। यहां भी पुलिस ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। चारबाग स्टेशन व आसपास पुलिस लोगों से पूछती रही कि क्या वे कंप्यूटर अनुदेशक हैं। जिन्होंने हां कहा, उनपर ताबड़तोड़ लाठियां बरसा दीं।

राहगीर भी आए चपेट में
कंप्यूटर अनुदेशकों के बवाल में हजरतगंज व विधान भवन के सामने कुछ राहगीर भी पुलिस की लाठीचार्ज की चपेट में आ गए। हुसैनगंज जा रहे आदिल ने बताया कि पुलिस की एक लाठी उन्हें भी पड़ी लेकिन जब उन्होंने बताया कि लविवि के छात्र हैं तो पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया।

वहीं सिविल अस्पताल के पास रिक्शे से जा रही एक बूढ़ी महिला लाठी चार्ज से डरकर चलते रिक्शे से कूद पड़ी। रिक्शा चालक भी रिक्शा छोड़कर भाग निकला।

अस्पताल में मची अफरा-तफरी

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प्रदर्शन और लाठीचार्ज से करीब एक घंटे तक हजरतगंज व हुसैनगंज तक यातायात भी बाधित हुआ। हालांकि यातायात पुलिस ने मोर्चा संभाला और यातायात को बहाल कराया।

सिविल अस्पताल में पटरी से उतरी व्यवस्था

लाठीचार्ज में गंभीर रूप से घायल दर्जन भर से ज्यादा अनुदेशकों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायल साथियों को लेकर अनुदेशकों की भीड़ पहुंचने से अस्पताल की व्यवस्था पटरी से उतर गई।

घायलों को भर्ती करने के लिए कई मरीजों को इमरजेंसी वार्ड से दूसरे वार्ड में शिफ्ट करना पड़ा। भीड़ के चलते इमरजेंसी वार्ड से लेकर ट्रीटमेंट रूम तक अफरातफरी रही। इलाज के लिए आने वाले गंभीर रोगियों को भी काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।

चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आशुतोष दुबे का कहना है कि घायलों की भीड़ के बाद मरीजों को शिफ्ट किया गया। इमरजेंसी में पहुंचने वाले मरीजों को इलाज दिया गया लेकिन भीड़ अधिक होने के चलते थोड़ी दिक्कत हुई थी।

अध्यक्ष का रिक्शा पलटा, लाठियां बरसाईं

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एसोसिएशन के उपाध्यक्ष जुनैद खान का कहना है कि अध्यक्ष साजदा को पुलिस ने अपशब्द कहे और उनका रिक्शा पलट दिया। बेहोशी की हालत में भी पुलिस ने उनपर लाठी बरसाई। वहीं साजदा पवार का कहना है कि विधानभवन पर शांतिपूर्वक प्रदर्शन चल रहा था।

इस दौरान मेरी तबीयत बिगड़ गई जिससे अनुदेशक मुझे रिक्शे से सिविल अस्पताल ले जा रहे थे लेकिन पुलिस ने लाठियां बरसा दीं। उन्होंने हजरतगंज इंस्पेक्टर अशोक कुमार वर्मा को सस्पेंड करने की मांग करते हुए कहा कि अगर समायोजन की मांग 48 घंटों में पूरी नहीं हुई तो अनुदेशक पूरे प्रदेश में प्रदर्शन व आंदोलन करेंगे।

माध्यमिक विद्यालयों में संविदा पर कंप्यूटर अनुदेशकों की तैनाती की जाती है। पांच बरसों से सूबे में 4000 अनुदेशक कार्यरत थे। एसोसिएशन का कहना है कि समायोजन की मांग उठने पर 1400 अनुदेशकों की सेवा समाप्त की जा चुकी है।

एसोसिएशन की मांग है कि इनकी बहाली के साथ ही सभी को व्यावसायिक शिक्षकों की तर्ज पर समायोजन किया जाए।

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