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लखीमपुर खीरी हिंसा मामला : आशीष मिश्र की जमानत अर्जी पर जज ने खुद को सुनवाई से किया अलग

Wed, 27 Apr 2022 07:53 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Wed, 27 Apr 2022 07:53 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के न्यायमूर्ति राजीव सिंह  ने गत 10 फरवरी को आशीष की  जमानत मंजूर की थी। जिसके खिलाफ पीड़ित परिजन सुप्रीम कोर्ट पहुंचे और हाईकोर्ट का जमानत आदेश रद करने का आग्रह किया।

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Lakhimpur Kheri violence case: Judge recuses himself from hearing on bail application of Ashish Mishra
लखनऊ हाईकोर्ट

विस्तार

लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में मुख्य आरोपी आशीष मिश्र की जमानत अर्जी पर इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ में बुधवार को सुनवाई होनी थी। न्यायमूर्ति राजीव सिंह ने खुद को इसकी सुनवाई से अलग कर लिया। अब मुख्य न्यायाधीश सुनवाई के लिए नए जज को नामित करेंगे। फिलहाल जमानत अर्जी पर सुनवाई टल गई है।

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लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में आशीष मिश्र को मुख्य आरोपी बनाया गया हैं। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने उसको जमानत दिए जाने पर कड़ी टिप्पणी करते हुए हाईकोर्ट से मंजूर जमानत को खारिज कर दिया था। साथ ही आशीष को हफ्ते भर में सरेंडर करने आदेश दिया था। साथ ही मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट को आशीष की जमानत पर नए सिरे से विचार करने को कहा था। केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र का पुत्र आशीष, लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में मुख्य आरोपित है। 
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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के न्यायमूर्ति राजीव सिंह  ने गत 10 फरवरी को आशीष की  जमानत मंजूर की थी। जिसके खिलाफ पीड़ित परिजन सुप्रीम कोर्ट पहुंचे और हाईकोर्ट का जमानत आदेश रद करने का आग्रह किया। सुप्रीम कोर्ट के ने आशीष को जमानत देने का आदेश रद करते हुए कहा था कि हाईकोर्ट ने जमानत देने में जल्दबाजी की। जमानत देते समय पीड़ितों का पक्ष नहीं सुना।
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मालूम हो कि लखीमपुर खीरी में पिछले साल तीन अक्टूबर को किसानों के विरोध प्रदर्शन के समय हिंसा हुई थी। जिसमें आठ लोग मारे गए थे। इस मामले में प्रदेश सरकार ने जमानत मंजूर होने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल नहीं की थी। उधर, बुधवार को मामले की सुनवाई के समय राज्य सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता विनोद कुमार शाही पेश हुए।

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