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रेलवे की सराहनीय पहल: गैंगमैन की मौत के 24 घंटे के भीतर मिली पत्नी को नौकरी
Sat, 11 May 2019 04:45 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Sat, 11 May 2019 04:45 PM IST
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गैंगमैन की मौत के 24 घंटे के भीतर ही पत्नी को सारे भुगतान कर दिए गए और नौकरी प्रदान कर दी गई। ऐसी तत्परता व तेजी लंबे समय के बाद उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में देखने को मिली है। दरअसल, लखनऊ मंडल की कमान डीआरएम संजय त्रिपाठी ने हाल ही में संभाली है।
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इसके जिसके बाद रेलकर्मियों की समस्याओं और मृतक आश्रित कोटे की नौकरियों व समापक भुगतान जैसे मुद्दों को अपनी प्राथमिकता में शामिल किया है। इन मामलों के निस्तारण के लिए डीआरएम ने चार्टर तैयार किया और समयसीमा के भीतर काम को अंजाम देने का लक्ष्य तय किया। इसके तहत मृतक आश्रित को नौकरी दी गई है।
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गौरतलब है कि बीते दिनों हरौनी-पिपरसंड के बीच ड्यूटी पर तैनात गैंगमैन सोनू कुमार की मौत एलटीटी-लखनऊ एक्सप्रेस की चपेट में आने से हो गई थी। जब गैंगमैन की मौत की सूचना बीते गुरुवार को डीआरएम को मिली तो उन्होंने शोक व्यक्त किया। संवेदनाएं जताने के साथ ही उन्होंने कर्मचारी के परिवार को तत्काल समस्त समापक देयकों का भुगतान करवा दिया।
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मृतक आश्रित को अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति प्रदान करने के लिए निर्देशित किया। इसी क्रम में तत्काल कार्रवाई करते हुए मंडल रेल प्रशासन ने मृतक आश्रित के खाते में भुगतान ट्रांसफर करवा दिए। साथ ही 24 घंटे के भीतर ही मृतक रेल कर्मचारी की पत्नी सिमरन को अनुकम्पा के आधार पर नौकरी भी दी गई।
रेल की थाती हैं रेलकर्मी
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यह सराहनीय पहल है। मृतक गैंगमैन सोनू कुमार की चिता की आग अभी ठंडी भी नहीं हो पाई थी कि उससे पहले ही रेलवे ने अपनी जिम्मेदारियों को निभाते हुए पूरा भुगतान पत्नी के खातों में करवा दिए। इस कार्य के लिए ट्रैक मेंटेनर एसोसिएशन ने खुशी जाहिर की है। पदाधिकारियों ने कहा कि ऐसे प्रयासों से रेलकर्मियों के हौसले बढ़ते हैं।
रेलकर्मी रेल की थाती हैं। इनसे रेल की इमेज बनती है। गैंगमैन तो रेलवे की लाइफ लाइन होते हैं। लिहाजा, रेलकर्मियों से जुड़ी हर समस्या को जल्द से जल्द निस्तारित करने का खाका तैयार किया गया है। इसी के तहत कार्य हो रहा है। मृतक आश्रितों के साथ रेलवे हर कदम पर खड़ा है। - संजय त्रिपाठी, डीआरएम, उत्तर रेलवे
रेलकर्मी रेल की थाती हैं। इनसे रेल की इमेज बनती है। गैंगमैन तो रेलवे की लाइफ लाइन होते हैं। लिहाजा, रेलकर्मियों से जुड़ी हर समस्या को जल्द से जल्द निस्तारित करने का खाका तैयार किया गया है। इसी के तहत कार्य हो रहा है। मृतक आश्रितों के साथ रेलवे हर कदम पर खड़ा है। - संजय त्रिपाठी, डीआरएम, उत्तर रेलवे