यूपी में यहां होती है सबसे ज्यादा बिजली चोरी
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प्रदेश के वीवीआईपी जिलों में 50 फीसदी से ज्यादा लाइन हानियां (बिजली चोरी) हैं। पोल खुलने के डर से पावर कॉर्पोरेशन विद्युत नियामक आयोग को मंडलवार लाइन हानियों का ब्यौरा देने से कन्नी काट रहा है। उपभोक्ता परिषद ने बुधवार को आयोग के समक्ष जनहित प्रत्यावेदन दाखिल करके कॉर्पोरेशन से लाइन हानियों पर पूरी रिपोर्ट तलब करने का अनुरोध किया है।
पावर कॉर्पोरेशन की कॉमर्शियल विंग की ओर से बीते साल दिसंबर तक के तैयार कराए गए आंकड़ों के मुताबिक वीवीआईपी जिलों में 50 फीसदी से ज्यादा एकीकृत तकनीकी एवं वाणिज्यिक (एटीएंडसी) लाइन हानियां हैं, जबकि इन्हीं इलाकों को ज्यादा आपूर्ति हो रही है।
आजमगढ़ सर्किल में 63.67 प्रतिशत व मैनपुरी सर्किल में 59.79 फीसदी तक लाइन हानियां हैं। इटावा में 57.49 प्रतिशत लाइन हानियां हैं। इसके अलावा शामली में 51.41 प्रतिशत, संभल में 57.94 प्रतिशत, रामपुर में 51.50 प्रतिशत, फर्रुखाबाद में 58.79 प्रतिशत, झांसी में 52.12 प्रतिशत, उरई में 61.69 प्रतिशत, मिर्जापुर में 52.01 प्रतिशत लाइन हानियां दर्ज हैं। दिसंबर तक प्रदेश में कुल एटीएंडसी लाइन हानियां 31.47 फीसदी हैं
चोरी का खामियाजा पूरे प्रदेश को
विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आयोग को सौंपे जनहित प्रत्यावेदन में कहा है कि वीवीआईपी जिलों में हो रही बड़े पैमाने पर बिजली चोरी का खामियाजा पूरे प्रदेश को भुगतना पड़ रहा है। केंद्र बिजली आवंटन के मौजूदा फॉर्मूले में संशोधन करने जा रही है जिसके बाद लाइन हानियां कम न होने पर केंद्र से अतिरिक्त बिजली नहीं मिलेगी, जिससे आपूर्ति प्रभावित होगी।
वर्मा ने आयोग से मांग की है कि दरों से निर्धारण की प्रक्रिया शुरू करने से पहले सर्किलवार लाइन हानियों का ब्यौरा मंगाकर उसका परीक्षण हो। आयोग के चेयरमैन देश दीपक वर्मा ने आश्वस्त किया है कि बिना ब्यौरा मिले नई दरों का निर्धारण नहीं होगा। कॉर्पोरेशन से रिपोर्ट मांगी गई है। अगर समय पर जवाब नहीं आता है तो आयोग सख्त कदम उठाएगा।
गर्मी के लिए हो रही है व्यवस्था
मुख्य सचिव आलोक रंजन ने पावर कॉर्पोरेशन को गर्मी के लिए समय से पर्याप्त बिजली का इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। कहा, कम से कम दर पर बिजली खरीद के लिए अभी से करार कर लिया जाए। अनपरा ‘डी’ की 500 मेगावाट की इकाई 31 मार्च से पहले हर हाल में चालू करा दी जाए।
लाइन लॉस कम करने व गर्मी में बिजली व्यवस्था को पटरी पर रखने के लिए ऊर्जा विभाग व पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों के साथ बैठक में मुख्य सचिव ने ये निर्देश दिए।
उन्होंने राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत 1.75 लाख मजरों के विद्युतीकरण शीघ्र करने और वितरण नेटवर्क को दुरुस्त करने के लिए जिन उपकेंद्रों पर जमीन चिह्नित हुई है, वहां काम शुरू कराने के लिए 31 मार्च तक टेंडर फाइनल करने की भी बात कही।
रंजन ने कहा कि ट्रांसमिशन के लिए 132, 220, 400 व 765 केवीके आठ शेष उपकेंद्रों व लाइनों के निर्माण के लिए भी जमीन का अधिग्रहण इसी महीने पूरा करके टेंडर फाइनल कर दिए जाएं और काम शुरू कराया जाए।
बैठक में बताया गया कि आगरा के लिए 765 केवी उपकेंद्र का टेंडर पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन को दे दिया गया है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली मीटर लगाकर हुए राजस्व वसूली बढ़ाने तथा लाइन हानियों को निर्धारित लक्ष्य के अनुसार कम करने के निर्देश भी दिए। बैठक में प्रमुख सचिव ऊर्जा संजय अग्रवाल, प्रमुख सचिव राजस्व सुरेश चंद्रा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।