यूपी के सीएम ने थिएटर में आखिरी बार देखी ये फिल्म...
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अंतरराष्ट्रीय कुष्ठ निवारण संस्था के एक कार्यक्रम में यूपी के बहराइच जिले पहुंचे यूपी के सीएम अखिलेश यादव ने यहां पर अपना एक राज खोल दिया। हर कोई यह जानने के लिए बेताब रहता है कि उनके सीएम और पीएम ने आखिरी फिल्म हॉल में कब देखी थी?
सीएम अखिलेश ये राज यहां खोल गए। बहराइच शहर के डायमंड पैलेस में हुए इस कार्यक्रम में जब सीएम पहुंचे तो उनके जेहन में आखिरी बार हॉल में फिल्म देखने की यादें ताजा हो गईं।
उन्होंने कहा कि कई साल बाद उनको थियेटर में आने का मौका मिला है। अखिलेश ने कहा कि थिएटर में आखिरी फिल्म उन्होंने स्लमडॉग मिलेनियर देखी थी। इसके बाद उन्होंने फिल्मों तो कई देखीं लेकिन वह हॉल तक नहीं पहुंच सके।
सीएम ने अपने साथ खड़े ऊर्जा राज्यमंत्री यासर शाह से मैंने पूछा था कि इस थिएटर में आखिरी फिल्म कौन सी लगी थी, जिसकी जानकारी वह नहीं दे सके। आपको बता दे 16 जनवरी 2010 को इस सिनेमाहॉल में आखिरी बार फिल्म लगी थी। इसके बाद यह बंद हो गया। अब इस हॉल का प्रयोग सभागार के रुप में होता है।
केंद्र नहीं दे रहा है यूपी के विकास में साथ
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कार्यशाला समापन के बाद पुलिस लाइन सभागार में पत्रकारों से मुखातिब हुए। केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सपा विकास करना चाहती है लेकिन केंद्र सरकार साथ नहीं दे रही।
वे बोले कि बहराइच-लखनऊ राजमार्ग को फोर लेन बनाने के लिए केंद्र सरकार को पत्र भेजा था लेकिन केंद्र ने अनुमति नहीं दी। अब स्मार्ट सिटी बनाने का ढोंग रच रहे हैं। भगवान जाने क्या स्मार्ट सिटी बनाएंगे।
राज्यपाल के साथ बहराइच आने के मामले में जब मुख्यमंत्री से यह सवाल किया गया कि क्या राजभवन और प्रदेश सरकार के बीच तल्खी खत्म हो गई है तो सीएम ने कहा कि तल्खी तो कभी थी ही नहीं। समन्वय बनाकर काम कर रहे हैं।
रिश्ते बेहतर हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री के प्रेस कांफ्रेंस के बाद चलते-चलते राज्यपाल राम नाईक से यही सवाल किया गया तो वह कुछ देर शांत रहे। हाथ हिलाते हुए बोले कुछ कह नहीं सकते, जिसके चलते राजभवन और सरकार के बीच फिर रिश्तों की सियासत उभर कर समाने आ गई।
मुख्यमंत्री ने की राज्यपाल की तारीफ
अंतरराष्ट्रीय कुष्ठ निवारण संस्था की कार्यशाला ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री को एक मंच पर तो इकट्ठा किया ही, मुख्यमंत्री राज्यपाल के कसीदे भी पढ़ते नजर आए।
राजभवन में आयोजित होने वाले कार्यक्रम पर नहीं पहुंचने की कमी को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री ने बहराइच आने की बात स्वीकार की। सीएम ने यह भी कहा कि कुष्ठ पीडि़तों को पेंशन के मामले में सरकार थोड़ी धीरे चल रही थी, जिसे राज्यपाल ने गति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कार्यशाला खत्म होने के बाद कहा कि कुष्ठ जागरूकता के लिए महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर राजभवन में कार्यक्रम हुआ था, जिसमें वह कुछ कारणों से नहीं जा सके थे।
इसीलिए उन्होंने निर्णय लिया था कि अब आगे किसी भी कार्यक्रम में वह राज्यपाल के साथ अवश्य शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां वह राजभवन नहीं जाने की कमी को दूर करने के लिए तो आए ही थे, राज्यपाल की ओर से किए गए पेंशन बढ़ाने की घोषणा करने का भी अच्छा मौका लगा। इसलिए उन्होंने कार्यक्रम में शामिल होने की सहमति जताई।